बीडीए द्वारा शहर में कराए जा रहे विकास कार्य अब लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगे हैं। कुम्हेर गेट से हीरादास और कुम्हेर गेट से रणजीत नगर की ओर जाने के लिए बनाए गए वैकल्पिक रास्तों की शुरुआत में ही खुले पड़े नाले दुर्घटनाओं का सबब बनते जा रहे हैं। रोजाना यहां दुपहिया और चौपहिया वाहन चालक साइड का अंदेशा नहीं होने के कारण दुर्घटना से बाल बाल बचे हैं। शनिवार को भी एक सफारी गाड़ी और एक अन्य कार नाले में गिरते-गिरते बाल-बाल बचीं। वाहन चालकों और आसपास खड़े लोगों की सूझबूझ के चलते बड़ी अनहोनी होने से बचा लिया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि दोनों तरफ न तो बचाव के लिए कोई बेरिकेड्स लगाए गए हैं न ही किसी प्रकार का संकेतक। इसके चलते हादसे का अंदेशा रहता है।