ब्यावर में कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित पार्षदों के साथ उनके परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर अनावश्यक परेशान करने, धमकाने और दबाव बनाने की शिकायतों पर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को एएसपी डॉ. अनुकृति उज्जैनिया को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुने हुए जनप्रतिनिधियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है। किसी भी पार्षद या उनके परिवार के सदस्य के खिलाफ शिकायत होने पर कार्रवाई निष्पक्ष, पारदर्शी और तय कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में रखी मांगें कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पार्षदों और उनके परिवार के सदस्यों को अनावश्यक रूप से परेशान करने या दबाव बनाने संबंधी शिकायतों पर तुरंत ध्यान दिया जाए। किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई उसके राजनीतिक जुड़ाव के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध सबूतों और कानून के आधार पर की जाए। ज्ञापन में पुलिस और प्रशासनिक शक्तियों के कथित राजनीतिक गलत इस्तेमाल की शिकायतों की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की गई। साथ ही, चुने हुए पार्षदों को बिना डर के अपने जनप्रतिनिधि के तौर पर काम करने का माहौल देने का आग्रह किया गया। निष्पक्ष, पारदर्शी कार्रवाई की मांग कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी कानून के मुताबिक जांच और कानूनी कार्रवाई के खिलाफ नहीं है, लेकिन हर कार्रवाई निष्पक्ष, पारदर्शी और राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में रखी गई मांगों पर तुरंत ध्यान देकर जरूरी कार्रवाई करने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ब्यावर के अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी पारसमल जैन, खनन प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष आशीषपाल पदावत, कांग्रेस सभापति प्रत्याशी कैलाश गहलोत, पार्षद दलपतराज मेवाड़ा, जिला प्रवक्ता एडवोकेट रामस्वरूप सेवलिया और सोहन मेवाड़ा शामिल रहे।