ब्यावर में दशलक्षण महापर्व के बाद सोमवार को दिगंबर जैन पंचायती नसिया में क्षमावाणी पर्व मनाया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने सालभर में हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से माफी मांगी और उत्तम क्षमा की भावना अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में समाज की प्रतिभाओं के साथ दशलक्षण महापर्व के दौरान 10, 5 या 3 से ज्यादा उपवास करने वाले तपस्वियों का सम्मान भी किया गया। मन से द्वेष और कटुता दूर करने का पर्व दिगंबर जैन समाज के प्रवक्ता राकेश जैन ने बताया कि क्षमावाणी पर्व आत्मशुद्धि और आपसी प्रेम का संदेश देता है। जैन धर्म में क्षमा का अर्थ केवल शब्दों में माफी मांगना नहीं, बल्कि मन से द्वेष और कटुता को दूर करना है। पर्व के माध्यम से समाज के लोग आपसी मनमुटाव भुलाकर प्रेम और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हैं। तपस्वियों और प्रतिभाओं का सम्मान आयोजन के दौरान समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही दशलक्षण महापर्व में 10, 5 या 3 से ज्यादा उपवास करने वाले तपस्वियों का भी सम्मान किया गया। सम्मान समारोह में तप और साधना के प्रति समाज की आस्था और श्रद्धा दिखाई दी। कलशाभिषेक के बाद हुई क्षमावाणी दिगंबर जैन पंचायत के अध्यक्ष सुशील बड़जात्या और मंत्री रितेश फागीवाला ने बताया कि सम्मान समारोह के बाद मंदिर में कलशाभिषेक किया गया। इसके बाद क्षमावाणी का मुख्य कार्यक्रम हुआ। इसमें समाज के लोगों ने एक-दूसरे से क्षमा मांगते हुए आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करने का संदेश दिया।