दलोट | दलोट स्थित रामद्वारा में विश्व कल्याण चातुर्मास के तहत श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ गुरुवार को हुआ। माहौल श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता से भरा रहा। कथा व्यास संत पुरुषोत्तम रामजी महाराज के सान्निध्य में पहले दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भागवत महात्म्य का श्रवण किया। कथा शुरू होते ही रामद्वारा परिसर भजन-कीर्तन और जयकारों से गूंज उठा। पहले दिन संत पुरुषोत्तम रामजी महाराज ने श्रीमद्भागवत के महत्व पर कहा कि भागवत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है। यह मानव जीवन को संस्कार, सदाचार और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण जीवन को सही दिशा देते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा के संदेश को जीवन में उतारने का आह्वान किया। कथा के दौरान भगवान के नाम का संकीर्तन हुआ। श्रद्धालु भजनों में भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने शांत भाव से कथा सुनी। आयोजकों के अनुसार विश्व कल्याण की भावना से यह चातुर्मास कार्यक्रम धर्म, अध्यात्म और सेवा का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहा है। समाजसेवी विजय परमार ने बताया कि पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने संतवाणी का लाभ लिया। उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को ब्रह्मलीन संत श्री मुमुक्षु रामजी महाराज के 11वें निर्वाण दिवस पर स्वैच्छिक रक्तदान कार्यक्रम होगा। उन्होंने श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। आयोजकों ने बताया कि आने वाले दिनों में कथा में भगवान की विभिन्न लीलाओं, भक्ति, धर्म और जीवन मूल्यों से जुड़े प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।