टोडाभीम के करीरी-गाजीपुर स्थित श्री भैरों बाबा धाम पर शुक्रवार को भाद्रपद सप्तमी का लक्खी मेला आयोजित हुआ। मेले में करीब 50 हजार श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचे। दिनभर धाम पर धार्मिक माहौल रहा और 'भैरव बाबा महाराज की जय' के जयकारों से परिसर गूंजता रहा। मेले का मुख्य आकर्षण विशाल कुश्ती दंगल रहा। दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक चले दंगल में करीब 500 पहलवानों ने 300 मुकाबलों में दमखम दिखाया। 101 रुपए से शुरू हुई कुश्ती, इनाम पहुंचा 2 लाख 21 हजार तक दंगल में पहली कुश्ती 101 रुपए की इनामी राशि से शुरू हुई। इसके बाद मुकाबलों के साथ इनाम की राशि बढ़ती गई। पहलवानों के बीच 251, 1100, 2100, 5100, 11 हजार, 21 हजार, 31 हजार, 51 हजार और एक लाख रुपए तक की कुश्तियां हुईं। दंगल की आखिरी और सबसे बड़ी कुश्ती 2 लाख 21 हजार रुपए की रही। इसमें हरियाणा के मनजीत पहलवान और चिराग पहलवान आमने-सामने हुए। 21 मिनट तक चला आखिरी मुकाबला मनजीत और चिराग के बीच हुआ मुकाबला करीब 21 मिनट तक चला। दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे को चित करने के लिए कई दांव लगाए और पूरा जोर लगाया। मुकाबला देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक अखाड़े के आसपास जमा रहे। आखिरकार चिराग पहलवान ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। दंगल कमेटी की ओर से उन्हें 2 लाख 11 हजार रुपए की इनामी राशि दी गई। पहाड़ियों पर बैठकर देखा दंगल दंगल देखने के लिए आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज के इलाकों से भी लोग पहुंचे। मेला स्थल पहाड़ियों के बीच होने के कारण दर्शकों ने अखाड़े के चारों तरफ बनी पहाड़ियों पर बैठकर कुश्ती का आनंद लिया। कुश्ती शुरू होने से पहले ही पहाड़ियों की चोटियों तक दर्शकों की भीड़ पहुंच गई थी। आसपास के मकानों की छतों पर भी बड़ी संख्या में लोग जमा थे। ऊंचाई से अखाड़े का नजारा देख रहे दर्शक पहलवानों के हर दांव पर तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाते रहे। आयोजकों के मुताबिक, मेले में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचे। भाद्रपद सप्तमी पर साल में एक बार लगता है मेला श्री भैरों बाबा को इलाके के लोगों का आराध्य देव माना जाता है। भाद्रपद सप्तमी के अवसर पर यहां साल में एक बार लक्खी मेला लगता है। इस बार करौली, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, दौसा, मंडावर, जयपुर, महवा, भरतपुर और कोटा सहित कई इलाकों से श्रद्धालु धाम पहुंचे। कई श्रद्धालु पदयात्रा कर भैरों बाबा धाम पहुंचे। रास्ते में जगह-जगह पदयात्रियों का स्वागत किया गया। धाम पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की मन्नत मांगी। दिनभर धाम में धार्मिक आयोजन और श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।