भीलवाड़ा जिले के हमीरगढ़ थाना क्षेत्र में मवेशियों का दूध निकालने गए बुजुर्ग दंपती की हत्या के मामले में अदालत ने 6 साल बाद फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय कुमार जैन ने आरोपी देवीलाल कीर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद के साथ 20 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। नोहरे में मिले थे लहूलुहान शव मामला हमीरगढ़ थाना क्षेत्र के कीरों की झोपड़ियां गांव का है। परिवादी किशनलाल कीर ने 21 अगस्त 2020 को हमीरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसके माता-पिता कंकू देवी और नारू कीर रोज की तरह सुबह करीब 5 बजे नोहरे में गायों का दूध निकालने गए थे। काफी देर तक दोनों के घर नहीं लौटने पर किशनलाल उनकी तलाश में नोहरे पर पहुंचा। वहां दोनों के लहूलुहान शव पड़े मिले। उनकी धारदार हथियार से हत्या किए जाने की बात सामने आई। आरोपी को हथियार लेकर भागते देखा घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उसी मोहल्ले के रहने वाले देवीलाल कीर पुत्र हजारी कीर को हाथ में धारदार हथियार लेकर नोहरे की तरफ से भागते हुए देखने की बात कही थी। चश्मदीद गवाही और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने देवीलाल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। 15 गवाह और 45 दस्तावेज किए पेश मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक रघुनंदन सिंह कानावत ने कोर्ट के समक्ष 15 गवाह, 45 दस्तावेज और 5 आर्टिकल्स पेश किए। अदालत ने गवाहों के बयान और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। जघन्य दोहरे हत्याकांड में आरोपी देवीलाल कीर को अदालत ने आजीवन कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।