भीलवाड़ा के नंगाजी का खेड़ा के त्रिशूल महादेव मंदिर से गायब हुई मूर्ति की बरामदगी की मांग को लेकर शनिवार सुबह अमरपुरा निवासी सुरेश कुमार चौधरी और अभिषेक वैष्णव मोबाइल टावर पर चढ़ गए थे।दिन भर टावर पर बिताने के बाद रात करीब 3:30 बजे पुलिस प्रशासन और परिजनों की समझाइश के बाद अभिषेक वैष्णव टावर से सुरक्षित नीचे उतर आया। मेडिकल करवाने के बाद परिजनों को सौंपा पुलिस ने अभिषेक का मेडिकल एग्जामिन करवाया और इसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हालांकि, दूसरा युवक सुरेश चौधरी (रविवार) दूसरे दिन भी टावर पर ही चढ़ा हुआ है और मूर्ति बरामदगी की मांग को लेकर अपनी जिद पर अड़ा है। मौके पर अभी भी ग्रामीण मौजूद हैं, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। आला अधिकारी और पुलिस की टीम टावर पर मौजूद सुरेश से लगातार लाउडस्पीकर और फोन के जरिए संपर्क साधकर उसे नीचे उतारने की मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन युवक अपनी मांग पर अड़ा हुआ है ये है पूरा मामला ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 60 दिन पहले नंगाजी का खेड़ा त्रिशूल महादेव मंदिर से गायब हुई शिव परिवार की प्रतिमा को लुहारिया (मांडल) में जबरन स्थापित कर दिया गया है। 2 महीने से कलेक्टर, एसपी, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देने के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने, 40 से ज्यादा लोगों को शांति भंग के नोटिस थमाने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। टावर पर चढ़े युवक ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक मूर्ति वापस लाकर स्थापित नहीं की जाती, तब तक आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजरें दूसरे युवक के रुख पर टिकी हुई हैं।