नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश देने के लिए रविवार तड़के बीकानेर में हाफ मैराथन का आयोजन किया गया। बीकानेर रन क्लब की ओर से आयोजित इस रन में शहर के बड़ी संख्या में युवाओं के साथ पुलिस अधिकारियों और जवानों ने भी हिस्सा लिया। बीकानेर पुलिस ने आयोजन को सहयोग दिया। ये हॉफ मैराथन थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग ढाई किलोमीटर, पांच किलोमीटर और टारगेट प्वाइंट पर दस किलोमीटर तक दौड़े। सुबह करीब 5 बजे से जूनागढ़ में युवा जुटने लगे थे। इस रन को ‘BAD Run’ नाम दिया गया, जिसका आशय ‘Bikaner Against Drugs’ है। नशे के खिलाफ पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन नीलकंठ के तहत आमजन और खासकर युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देने के लिए इस बार रन का आयोजन किया गया। एसपी खुद सुबह 5 बजे पहुंचे जूनागढ़ पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा स्वयं सुबह करीब 5 बजे जूनागढ़ पहुंच गए। उनकी मौजूदगी और पहल से बड़ी संख्या में युवा और पुलिस अधिकारी रन में शामिल हुए। एसपी के साथ सीओ सिटी अनुज डाल सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी भी दौड़े। रन के दौरान युवाओं और पुलिस अधिकारियों ने करीब 21 किलोमीटर के सफर में दौड़ लगाई। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के साथ उन्हें फिटनेस और खेल गतिविधियों से जोड़ना रहा। हर रविवार रन करता है बीकानेर रन क्लब बीकानेर रन क्लब के फाउंडर इशान शर्मा ने बताया- क्लब की ओर से हर रविवार इस तरह का रन आयोजित किया जाता है। इस रविवार की रन को नशे के खिलाफ जागरूकता के संदेश के लिए समर्पित किया गया था। उन्होंने बताया कि रन में बीकानेर के युवाओं के साथ पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा, सीओ सिटी अनुज डाल सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी शामिल हुए। पुलिस अधिकारियों और युवाओं की एक साथ भागीदारी से नशे के खिलाफ सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया। ये रहा रूट इशान ने बताया- मैराथन का रूट जूनागढ़ से शुरू हुआ और कोटगेट, गोगागेट, रानी बाजार पुल, मेडिकल कॉलेज सर्किल, नागणेचीजी मंदिर, बाइपास रोड, शिव बाड़ी मंदिर, चलाना अस्पताल, जयपुर रोड, गंगा म्यूजियम, दीनदयाल सर्किल, गंगानगर सर्किल से होते हुए वापस जूनागढ़ पहुंचे। ये करीब दस किलोमीटर का रन था, जिसमें गोगागेट पर ढाई किलोमीटर का रन पुरा हुआ। नीलकंठ अभियान से जुड़ा आयोजन एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि यह हाफ मैराथन इवेंट था, जिसमें बीकानेर के युवाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। नशे के खिलाफ पुलिस के नीलकंठ अभियान के तहत आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से इस दौड़ का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस के साथ समाज और युवाओं की भागीदारी भी जरूरी है। खेल और फिटनेस जैसी गतिविधियों के जरिए युवाओं को सकारात्मक दिशा से जोड़कर नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा सकता है।