बीकानेर नगर निगम में मेयर पद के लिए भरे गए चार पर्चों में एक नामांकन गुरुवार को खारिज हो गया। वार्ड 50 से प्रत्याशी नवरतन डागा का कांग्रेस के सिंबल पर दाखिल पर्चा खारिज हो गया है, हालांकि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में वे अब भी मैदान में डटे हुए हैं। ऐसे में अब भी मेयर पद के लिए कांग्रेस के अनिल कल्ला, भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत और निर्दलीय नवरतन डागा मैदान में रह गए है। उधर, कांग्रेस के खेमे में अब भी मजबूती नजर आ रही है और भाजपा 80 में 27 पार्षद जीताने के बाद भी तोड़फोड़ की कोशिश में जुटी है। राज्य निर्वाचन आयोग की अधिकृत साइट पर इस आशय की जानकारी दी गई है कि नवरतन डागा का कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में भरा गया नामांकन खारिज हो गया है। कल डागा ने नामांकन के दो सेट दाखिल किए थे, जिसमें एक निर्दलीय भी था। निर्दलीय प्रत्याशी वाला पर्चा स्वीकार हो गया है। कल नाम वापसी की अंतिम तारीख कोई भी प्रत्याशी शुक्रवार तक अपना नाम वापस ले सकता है। इसके बाद नाम वापसी नहीं होगी। अगर कोई नाम नहीं लेगा तो पार्षदों के पास चार विकल्प में से किसी एक पर वोट करने का अधिकार होगा। जिसमें कांग्रेस से अनिल कल्ला, भाजपा से सुरेंद्र सिंह शेखावत और चौथे नंबर पर नोटा होगा। तोड़फोड़ की कोशिश जारी कांग्रेस जहां अपने खेमे में बैठे पार्षदों के बाद मजबूती से डटी हुई है, वहीं भारतीय जनता पार्टी का खेमा पार्षदों को अपने पक्ष में करने में जुटा हुआ है। भाजपा प्रत्याशी ने अल्पसंख्यक वर्ग के पार्षदों में सेंधमारी की कोशिश करते हुए बयान दिया कि अंर्तआत्मा की आवाज पर वोट दें। पिछले सालों में कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों को कुछ नहीं दिया। हालांकि इसके बाद भी कांग्रेस के अल्पसंख्यक पार्षद भाजपा की तरफ आते नजर नहीं आ रहे। भाजपा में भी विरोध के स्वर उधर, भाजपा खेमे में भी विरोध के स्वर सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भगवान सिंह मेड़तिया के समर्थक मेयर पद का दावेदार नहीं बनाये जाने पर विरोध दर्ज करवा रहे हैं। हालांकि खुद मेड़तिया ने अब तक सुरेंद्र सिंह शेखावत के विरोध या समर्थन में कुछ भी सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। श्याम सिंह हाडलां को भी मेयर पद का दावेदार माना जा रहा था। अब डिप्टी मेयर पर अड़े दोनों तरफ दोनों ही खेमों में डिप्टी मेयर पद के लिए चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस में जहां जावेद पड़िहार को डिप्टी मेयर का दावेदार बनाने की आवाज उठ रही है, वहीं नवरतन डागा से भी पद पर समझौता होने की उम्मीद जताई जा रही है।