प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शनिवार को कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा- जिस तरह बीकानेर शहर में निकाय चुनाव जीतकर कांग्रेस का मेयर बनाया गया है। ठीक उसी तरह आगामी पंचायत चुनावों में भी कांग्रेस को जीत दिलानी है। उन्होंने कहा- अपना और पराया छोड़कर मैदान में उतरना होगा। यह प्रण लें कि पार्टी जिसे भी टिकट देगी, उसे ही प्रमुख और प्रधान बनाना है। डोटासरा ने कहा- भाजपा के झूठे वादों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना होगा। डोटासरा ने कहा- मैंने जिंदगी में कभी झूठ नहीं बोला, गलती हो सकती है, लेकिन झूठ नहीं बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भजनलाल सरकार के शासन में किसानों को नकली बीज मिल रहा है। दरअसल, दिवंगत कांग्रेस नेता रामेश्वर डूडी की पहली पुण्यतिथि पर शनिवार को बीकानेर स्थित उनके समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यहां डोटासरा ने लोगों से कांग्रेस का हाथ मजबूत करने की अपील की। जूली बोले- किसान कर्जमाफी का श्रेय डूडी को जाता है नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- रामेश्वर डूडी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि सभी कार्यकर्ता आज से ही पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं। उन्होंने याद दिलाया कि राजस्थान में किसानों की कर्जमाफी का श्रेय रामेश्वर डूडी को जाता है, जिन्होंने नेता प्रतिपक्ष रहते हुए विधानसभा के अंदर इसके लिए मजबूत संघर्ष किया और धरना दिया था। 'हार गए तो लोग कहेंगे डूडी की टीम कमजोर थी' पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल ने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा- पंचायती राज चुनाव में बड़ी जीत दर्ज कराकर ही डूडी जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर हम चुनाव हार गए तो लोग कहेंगे कि डूडी की टीम कमजोर पड़ गई। लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस बीकानेर में लगातार हार रही है, इस पर भी सोचना चाहिए। वहीं पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने डूडी को 'किसान केसरी' बताते हुए कहा कि सांसद और राजस्थान स्टेट एग्रो फाइनेंस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने किसानों और बीकानेर के विकास के लिए ऐतिहासिक काम किए हैं। भावुक हुईं विधायक सुशीला डूडी, बोलीं- वे जनता के लिए ही बने थे कार्यक्रम के दौरान दिवंगत रामेश्वर डूडी की पत्नी और नोखा विधायक सुशीला डूडी भावुक हो गईं। जनसैलाब और कार्यकर्ताओं के प्यार को देखकर उनकी आंखों में आंसू आ गए। खुद को संभालते हुए उन्होंने कहा- जब डूडी जी घर पर समय नहीं देते थे तो हम नाराज होते थे, लेकिन आज जनता के इस प्यार को देखकर अहसास होता है कि वे वास्तव में जनता के लिए ही बने थे।