बीकानेर में 2023 में मारपीट के एक मामले में सेशन कोर्ट ने 9 दोषियों को सजा सुनाई है। इनमें एक को सबसे ज्यादा 5 साल की सजा है। बाकी दोषियों को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई गई है। जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि हत्या की कोशिश के मामले में आरोपियों को दोषमुक्त किया गया है। सेशन कोर्ट के जज ने बुधवार को दिए आदेश में मदनलाल, राजाराम, जगदीश प्रसाद, रामेश्वरलाल, रामदयाल और पांचीलाल बागुड़ा को हत्या की कोशिश के मामले में दोषमुक्त किया लेकिन अन्य धाराओं में दोष सिद्ध हो गए। क्या है मामला? 22 दिसंबर 2023 की सुबह 9 से 9:15 बजे के बीच खारिया मल्लीनाथ इलाके में रोड पर सुथारों की ढाणी की प्याऊ के पास महेंद्र कुमार और उसका भाई रामदयाल पिकअप से जा रहे थे। इस दौरान आरोपियों ने कई गाड़ियों से उनका रास्ता रोका। पिकअप को टक्कर मारी। इसके बाद रामदयाल की लाठी-सरियों से पिटाई कर दी। आरोप लगाया कि रामदयाल को किडनैप करने और गाड़ी से कुचलने की कोशिश की गई। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष धारा 307 का आरोप संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा। हालांकि अदालत ने धारा 325/149, 143, 341, 323 और 427 भादंसं के तहत अपराध सिद्ध माना। दोषियों को इस तरह सुनाई सजा कोर्ट ने मदनलाल, राजाराम, जगदीश प्रसाद, रामेश्वरलाल और रामदयाल को धारा 143 में 6 माह का साधारण कारावास व 1 हजार रुपए जुर्माना, धारा 323 में 1 वर्ष का कारावास व 2 हजार रुपए जुर्माना, धारा 325 में 3 वर्ष का साधारण कारावास व 15 हजार रुपए जुर्माना, धारा 427 में 2 वर्ष का कारावास व 5 हजार रुपए जुर्माना और धारा 341 में 1 माह का साधारण कारावास व 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ भुगतने का आदेश दिया गया है। पांचीलाल बागुड़ा को 5 साल की सजा न्यायालय ने आदेश में उल्लेख किया कि पांचीलाल बागुड़ा के खिलाफ पूर्व में 14 आपराधिक प्रकरण दर्ज रहे हैं। इसके चलते उसे धारा 325 में 5 वर्ष का साधारण कारावास और 15 हजार रुपए जुर्माना समेत अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई। उसकी सभी सजाएं भी साथ-साथ भुगतने का आदेश है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि इस मामले में पहले पुलिस या न्यायिक अभिरक्षा में बिताई अवधि को धारा 428 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत सजा में समायोजित किया जाएगा। जुर्माने की राशि वसूल होने पर उसमें से 50 हजार रुपए आहत को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे।