टोंक, अजमेर और जयपुर की जल जरूरतों के लिए अहम बीसलपुर बांध का जलस्तर सोमवार सुबह घटकर 314.05 आरएल मीटर पहुंच गया। 315 आरएल मीटर की भराव क्षमता वाले बांध में दो दिन में एक सेंटीमीटर की कमी दर्ज हुई है। बारिश नहीं होने से बांध में पानी की आवक रुकी हुई है, जबकि रोजाना करीब एक हजार MLD पानी की खपत हो रही है। ऐसे में बांध के अगस्त में पूरा भरने और गेट खुलने की संभावना को लेकर लोगों की चिंता बढ़ रही है। दो दिन में एक सेंटीमीटर घटा जलस्तर बीसलपुर बांध का जलस्तर सोमवार सुबह 6 बजे 314.05 आरएल मीटर दर्ज किया गया। बांध की भराव क्षमता 315 आरएल मीटर है। यानी बांध अभी भराव क्षमता से 0.95 आरएल मीटर खाली है। दो दिन पहले 22 अगस्त को बांध का जलस्तर 314.06 आरएल मीटर था। सोमवार सुबह इसमें एक सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। बीसलपुर बांध का जलस्तर अगस्त माह में बढ़ने के बजाय घट रहा है। बांध के गेट खुलने के लिए यह स्थिति अनुकूल नहीं है। बांध को भरने के लिए इसके भराव क्षेत्र में तीन-चार बार कई घंटों तक तेज बारिश होना जरूरी है। शनिवार और रविवार को नहीं बदला था जलस्तर बीसलपुर कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार गत शुक्रवार सुबह 6 बजे बांध का जलस्तर 314.06 आरएल मीटर था। शनिवार और रविवार को जलस्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ। यानी इन दोनों दिनों में पानी का स्तर न बढ़ा और न घटा। इसके बाद सोमवार सुबह 6 बजे बांध प्रबंधन की ओर से जारी आंकड़ों में जलस्तर एक सेंटीमीटर गिरकर 314.05 आरएल मीटर दर्ज किया गया। वहीं त्रिवेणी पुलिया पर बनास नदी का गेज भी 2.40 मीटर से घटकर 2.30 मीटर रह गया है। बारिश नहीं हुई तो रोजाना घटेगा एक सेंटीमीटर पानी बीसलपुर बांध में पानी की आवक नहीं होने पर जलस्तर रोजाना करीब एक सेंटीमीटर घटेगा। बांध से रोजाना करीब एक हजार MLD पानी टोंक, अजमेर और जयपुर की एक करोड़ से ज्यादा आबादी में खपत हो रहा है। बारिश नहीं होने और बांध में पानी की आवक नहीं होने पर जलस्तर रोजाना एक से डेढ़ सेंटीमीटर तक कम हो सकता है। अगस्त खत्म होने वाला, बारिश का दौर भी थमा अगस्त का महीना भी अब समाप्त होने वाला है। इस बार बीसलपुर बांध भरेगा या नहीं, इसे लेकर लोगों के मन में सवाल उठने लगा है। बांध के कैचमेंट एरिया सहित पूरे प्रदेश में तेज बारिश का असर थमा हुआ है। इस कारण बांध में पानी की आवक नहीं हो रही है। बारिश का दौर अब आखिरी चरण में है। ऐसे में अगर जल्द पानी की आवक नहीं होती है तो बांध के पूरा भरने की उम्मीद कम होती जाएगी। आठ बार भरा बांध, छह बार अगस्त में खुले गेट बीसलपुर बांध के गेट खुलने का इतिहास अब तक अगस्त माह के आसपास रहा है। बांध बनने के बाद पहली बार वर्ष 2004 में इसमें पानी रोका गया था। उसी साल बांध पूरा भर गया और इसके गेट खोलने पड़े थे।बीसलपुर बांध अपने अब तक के 23 साल के जीवनकाल में आठ बार भर चुका है और इसके गेट खोलने पड़े हैं। इनमें से छह बार अगस्त में गेट खोले गए।