राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा अब चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा की तैयारी में है। पार्टी स्तर पर यह देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में नेताओं ने पार्टी के पक्ष में काम नहीं किया और कहां भितरघात की स्थिति बनी। बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत के कारणों पर भी मंथन किया जाएगा। हालांकि, बीजेपी प्रदेश में निकाय चुनाव परिणामों को अपने पक्ष में बता रही है, लेकिन पार्टी के भीतर यह चर्चा भी हो रही है कि प्रदेश की करीब 60 प्रतिशत सीटें वो हार गई हैं। अब पार्टी नेतृत्व ने संभाग प्रभारियों को चुनाव परिणामों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि प्रदेश में निकाय चुनाव के अंतिम आंकड़ों में भाजपा 4,182 वार्डों में जीती और कांग्रेस को 3619 वार्डों में जीत मिली, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,273 वार्डों पर कब्जा जमाया। संभाग प्रभारी रिपोर्ट में बताएंगे कहां भितरघात हुआ, कहां पार्टी हारी संभाग प्रभारी अपनी रिपोर्ट में जिन वार्डों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है, उसकी पूरी जानकारी शामिल करेंगे। वहीं हार के कारण भी बताएंगे। इसके साथ ही किस नेता ने इन चुनावों में पार्टी के खिलाफ काम करके भितरघात किया, उसकी जानकारी भी रिपोर्ट में देनी होगी। बागी उम्मीदवारों को किन नेताओं ने उतारा, उनका समर्थन किस-किस ने किया, ये तमाम जानकारी रिपोर्ट में शामिल होगी। दरअसल, आज प्रदेश बीजेपी कार्यालय में चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश के निकाय चुनाव प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने संभाग प्रभारियों और संभाग चुनाव संचालन समिति के सदस्यों की बैठक ली। सीएम भजनलाल शर्मा भी इस बैठक में वर्चुअली जुड़े। बैठक में निकाय चुनाव के परिणामों की समीक्षा की गई और संभाग प्रभारियों को रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया। इसके साथ ही आगामी पंचायत चुनावों को लेकर भी चर्चा हुई। निर्दलियों की व्यापक जीत के कारण भी खोजेगी पार्टी बीजेपी अब इस बात पर विचार कर रही है कि इन चुनावों में निर्दलीयों की व्यापक जीत के क्या कारण रहे। दरअसल, निकाय चुनावों में बीजेपी ने 309 निकायों में करीब 40 प्रतिशत वार्ड जीते हैं। वहीं करीब 60 प्रतिशत वार्डों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। पार्टी ने यूजीसी रोलबैक मुद्दे पर भी रिपोर्ट मांगी कांग्रेस ने 35 और निर्दलीयों ने 24 प्रतिशत वार्डों में जीत दर्ज की हैं। ऐसे में अब बीजेपी उन कारणों की भी समीक्षा कर रही है, जिसकी वजह से उसे हार और निर्दलीयों को जीत मिली। वहीं इन चुनावों में यूजीसी रोलबैक का मुद्दा कितना प्रभावी रहा, इस पर भी पार्टी ने रिपोर्ट मांगी हैं। 40-42 प्रतिशत सीटें जीतना बड़ी जीत बैठक के बाद प्रदेश के निकाय प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने कहा कि जनता ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यों पर मुहर लगाते हुए उनका समर्थन किया है। 42 प्रतिशत सीटों पर हम जीते हैं। अगर पूरे देश का आंकड़ा उठाकर देखें तो पार्षद के चुनाव में 40 से 42 प्रतिशत सीटों पर जीत एक बहुत बड़ी जीत होती है। कुछ लोग बागी होकर चुनाव लड़े, निर्दलीय के तौर पर जीते और बाद में वापस भारतीय जनता पार्टी में आ गए हैं। आने वाले समय में पंचायत के चुनाव भी होंगे। पंचायत चुनाव में भी सभी 41 जिला परिषद सीटें जीतेंगे और अपना अध्यक्ष बनाएंगे। अच्छे परिणाम के लिए चिंतन करती है सभी पार्टियां बैठक के बाद बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पार्टी ने आपस में बैठक कर मौजूदा राजनीतिक स्थिति की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियां अच्छे परिणाम के लिए चिंतन करती हैं और भाजपा भी पूरी तरह तैयार है। पंचायत चुनावों में भी परिणाम बीजेपी के पक्ष में आएंगे। भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग, मैनेजमेंट के आरोप लगाती है कांग्रेस कांग्रेस के क्रॉस वोटिंग के दावों पर मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस कभी भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग और मैनेजमेंट के आरोप लगाती है और अब क्रॉस वोटिंग की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, ऐसा नहीं होगा। उन्होने दावा किया कि जोधपुर में भी बीजेपी का बोर्ड और मेयर बनेगा। ------------ ये खबर भी पढ़िए… निर्दलीय को लेने कांग्रेस की बाड़ाबंदी में पहुंची पुलिस,हंगामा हुआ:चित्तौड़गढ़ में बीजेपी प्रत्याशियों ने की पूल-पार्टी, जयपुर में वोटर लिस्ट में नाम नहीं, 110 लोगों ने वोट डाले राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की वोटिंग के बाद भाजपा और कांग्रेस ने प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी कर दी है। अलवर की रामगढ़ नगर पालिका के कांग्रेस प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी में पुलिस पहुंची तो हंगामा हो गया। (पूरी खबर पढ़ें…)