बूंदी जिले के डाबी क्षेत्र में झाड़ियों में लावारिस मिले एक नवजात को अब माता-पिता का प्यार मिल गया है। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के जरिए बेंगलुरु के एक दंपती ने उसे गोद लिया है। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक रामराज मीणा ने यह जानकारी दी। यह नवजात 14 अप्रैल को डाबी की झाड़ियों में मिला था। उसे तुरंत कोटा के जे.के. लोन अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वस्थ होने पर बाल कल्याण समिति बूंदी ने उसे अपने संरक्षण में लिया। 28 अप्रैल से वह राजकीय विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी बूंदी में था। कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर सौंपा बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार ने बताया कि कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद शिशु को गोद लेने के लिए मुक्त घोषित किया गया। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने आम जनता से अपील की है कि अनचाहे बच्चों को असुरक्षित जगहों पर नहीं छोड़ें। ऐसे बच्चों को सरकारी अस्पतालों या शिशु गृहों के पालना गृह में सुरक्षित छोड़ें या बाल कल्याण समिति बूंदी के सामने पेश करें। पहचान गुप्त रखी जाएगी। बेंगलुरु के दंपती को बालक सौंपने की प्रक्रिया के दौरान संरक्षण अधिकारी गोविंद कुमार गौतम, दीपिका वशिष्ठ, परिता शर्मा व सरफराज आलम आदि मौजूद रहे।