बूंदी में मंगलवार को जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें खाद आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं पर बात की गई। बैठक में खाद कंपनियों के प्रतिनिधि और खाद डीलर शामिल हुए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खाद कंपनियां और डीलर किसानों को खाद के साथ कोई सप्लीमेंट खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेंगे। कालाबाजारी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने साफ किया कि अगर कालाबाजारी में किसी सरकारी कर्मचारी की मिलीभगत पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। कलेक्टर ने यह भी कहा कि सभी किसानों को जरूरत के हिसाब से पर्याप्त खाद मिले। कृषि विभाग से जुड़ी सभी जानकारी किसानों तक लगातार पहुंचाई जाए। हर 15 दिन में खाद की मांग और उपलब्धता की समीक्षा की जाए। रबी फसलों के लिए अभी से योजना बनाकर उसे लागू किया जाए। साथ ही, पिछले सालों के आंकड़ों का भी अध्ययन किया जाए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) रमेश देव, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक राजेश कुमार शर्मा और पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. नीलकमल सक्सेना भी मौजूद थे। इनके अलावा, कृषि विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।