राजकीय कॉलेज बूंदी में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण केंद्र की ओर से महिला सुरक्षा और साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (SIUCAW) जसवीर मीणा ने प्रशिक्षकों और छात्राओं को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा, राजकॉप सिटीजन ऐप, महिला हेल्पलाइन और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से किसी भी असहज या संकटपूर्ण स्थिति में घबराने के बजाय सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस की मदद लेने की अपील की। आत्मरक्षा से बढ़ता है आत्मविश्वास एएसपी मीणा ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण बहुत जरूरी है। इसका उद्देश्य केवल शारीरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती के साथ सही फैसला लेने की क्षमता विकसित करना भी है। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि किसी भी असहज स्थिति में घबराएं नहीं और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल मदद लें। राजकॉप सिटीजन ऐप की दी जानकारी कार्यक्रम में छात्राओं को राजकॉप सिटीजन ऐप के बारे में भी जानकारी दी गई। एएसपी ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से आमजन पुलिस की विभिन्न नागरिक सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने सभी छात्राओं को अपने मोबाइल में राजकॉप सिटीजन ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। उत्पीड़न या धमकी पर चुप नहीं रहें छात्राओं को बताया गया कि किसी भी तरह की परेशानी, उत्पीड़न, पीछा करने या धमकी की स्थिति में चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत परिजनों, शिक्षकों या पुलिस को सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। ऑनलाइन ठगी से बचने के बताए तरीके कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी को लेकर भी छात्राओं को जागरूक किया गया। उन्हें अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड नहीं करने और ओटीपी, पिन, पासवर्ड तथा बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। साइबर अपराध होने की स्थिति में तुरंत 1930 पर और साइबर पोर्टल के माध्यम से शिकायत करने की जानकारी दी गई। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें एएसपी ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्राएं अपनी निजी जानकारी, मोबाइल नंबर, निजी फोटो और संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक न करें। अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर संपर्क करते समय विशेष सावधानी बरतें। किसी भी आपत्तिजनक या धमकी भरी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल परिजनों या पुलिस को सूचित करें। सामूहिक प्रयास से ही सुरक्षित माहौल कार्यक्रम के दौरान एएसपी जसवीर मीणा ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के लिए पुलिस, शिक्षण संस्थान, परिवार और समाज को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने छात्राओं से जागरूक रहने और किसी भी परेशानी की स्थिति में समय पर सहायता लेने की अपील की।