बूंदी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रम संख्या-2 ने गुरुवार को 4 साल पुराने हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने गणेशपुरा निवासी जुगलकिशोर, खेड़ला देवजी निवासी नवल कुमार, चहिचा निवासी गोलू कुमार और कोटा खुर्द निवासी राकेश को आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। राकेश को आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत 1 साल की अतिरिक्त सजा और 1000 रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने के आदेश दिए हैं। 31 दिसंबर 2022 को हुई थी हत्या मामला 31 दिसंबर 2022 का है। कोटाखुर्द निवासी जमनाशंकर पुत्र प्रभूलाल ने गेण्डोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनका बेटा हरिओम दूध डेयरी की गाड़ी चलाता था। उसे माखीदा तिराहे पर 4-5 हथियारबंद लोगों ने बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी मौत हो गई। जांच के बाद कोर्ट में पेश हुआ आरोप पत्र मामले की जांच गेण्डोली थाना पुलिस ने की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से 23 गवाह और 83 दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। चारों पर हत्या की धाराओं में दोष सिद्ध सुनवाई के बाद कोर्ट ने जुगलकिशोर, नवल कुमार, गोलू कुमार और राकेश को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 और 120-बी के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। राकेश पर आर्म्स एक्ट की भी सजा आरोपी राकेश को आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 में भी दोषी पाया गया। कोर्ट ने उसे इस मामले में 1 साल की सजा और 1000 रुपये जुर्माने से दंडित किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। एक आरोपी पहले से जेल में, बाकी हिरासत में सरकारी वकील भूपेंद्र सक्सेना के अनुसार राकेश गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में था। वहीं, फैसला सुनाए जाने के बाद अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।