बूंदी जिले के कई इलाकों में पिछले एक घंटे से तेज बारिश हुई है। अचानक हुई इस मूसलाधार बारिश से खेतों में कटी फसलें भीग गईं, जिससे किसानों को नुकसान हुआ है। कई जगहों पर खेतों में पानी भर गया है। सबसे ज्यादा नुकसान नैनवा क्षेत्र में हुआ है। यहां उड़द और सोयाबीन की खेती ज्यादा होती है। बारिश के कारण खेत में कटी पड़ी फसल पूरी तरह भीग गई है। नैनवां के किसान मोरपाल धाकड़ ने बताया कि हर बार कटी हुई फसल बारिश में बर्बाद हो जाती है। उनका आरोप है कि बीमा कंपनियां प्रीमियम तो काट लेती हैं, लेकिन सर्वे के बाद भी मुआवजा नहीं देतीं। वे सिर्फ खानापूर्ति करती हैं। मोरपाल ने यह भी बताया कि पिछले साल भी कटी हुई फसल बारिश में बर्बाद हो गई थी, जिसका आज तक बीमा कंपनियों ने एक रुपया मुआवजा नहीं दिया। इस बार भी किसान कंपनियों के रवैये से परेशान हैं। उन्हें अब भगवान पर ही भरोसा बचा है। बूंदी के नैनवां क्षेत्र में किसान राकेश नागर ने अपने खेत में उड़द की कटी हुई फसल का हाल बताया।