मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को बूंदी में समीक्षा बैठक लेकर जिले में चल रहे जल संचय, जल संवर्धन, सिंचाई और पेयजल परियोजनाओं की प्रगति जानी। उन्होंने अधिकारियों को जल संचय, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान और ईआरसीपी जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लक्ष्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल परियोजनाओं को जल्द पूरा कर आमजन को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने और लंबित भुगतान के मामलों का शीघ्र निस्तारण करने पर जोर दिया। पेयजल परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश मुख्य सचिव ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को पेयजल परियोजनाओं का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से हिंडोली-नैनवां, गरड़दा और नवनेरा पेयजल परियोजनाओं की प्रगति तेज करने को कहा, ताकि लोगों को समय पर पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने जल संचय कार्यक्रम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने और जल संरक्षण के कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। वन विभाग के कार्यों की नियमित निगरानी के लिए उपवन संरक्षक को स्वयं निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साइबर अपराधों पर नियंत्रण की समीक्षा मुख्य सचिव ने साइबर पुलिस थाने का निरीक्षण कर साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने थाने में दर्ज प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति, कार्यप्रणाली, अनुसंधान, आरोपियों की गिरफ्तारी और विभिन्न पोर्टलों के उपयोग की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में बैंकों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। दोनों के बीच समय पर सूचना साझा होने से पीड़ितों की मेहनत की कमाई बचाने में मदद मिल सकती है। वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद बैठक और निरीक्षण के दौरान संभागीय आयुक्त एवं कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, पुलिस महानिरीक्षक कोटा हरेन्द्र महावर, जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव, जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर एच.डी. सिंह, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चारू और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) रमेश देव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।