कासं|सवाईमाधोपुर न्यायिक अधिकारियों एवं पैनल अधिवक्ताओं द्वारा स्ट्रेंजर डेंजर- नो, गो, टेल (अजनबी से सावधान- मना करो, दूर जाओ, बताओं) विषय पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय सवाई माधोपुर पर विशेष न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय संख्या-01 मीनाक्षी जैन, विशेष न्यायाधीश पोक्सो न्यायालय संख्या-02 प्रेमराज सिंह चन्द्रावत, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक पालीवाल, प्रिंसीपल मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड निधि शर्मा, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपांजलि जादौन एवं डिप्टी एलएडीसी वीरेंद्र कुमार वर्मा एवं पैनल अधिवक्ताओं विभिन्न स्कूलों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में बच्चों को अपहरण एवं शोषण से बचाव, बाल तस्करी तथा बाल श्रम जैसी गंभीर सामाजिक समस्याओं के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। बताया गया कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति द्वारा दिए गए प्रलोभन, लालच या बहकावे में नहीं आना चाहिए। नो, गो, टेल के सिद्धांत से करें अपनी सुरक्षा यदि कोई व्यक्ति उन्हें कहीं साथ चलने, कोई वस्तु देने अथवा किसी प्रकार का लालच देने का प्रयास करे तो ऐसी स्थिति में नो, गो एवं टेल के सिद्धांत को अपनाना चाहिए। बच्चों को समझाया गया कि खतरा महसूस होने पर तुरंत खतरे को पहचानें, स्पष्ट रूप से मना करें, सुरक्षित स्थान की ओर जाएं और घटना की जानकारी किसी विश्वसनीय बड़े व्यक्ति अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 को दें। शिविर के दौरान अपहरण के कारणों तथा इसके बच्चों के जीवन पर पड़ने वाले शारीरिक एवं मानसिक प्रभावों एवं स्वयं की सुरक्षा के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया गया। इसके अतिरिक्त बाल तस्करी, बाल श्रम, जबरन भीख मंगवाने एवं बच्चों के शोषण जैसी समस्याओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015, लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं नालसा (बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं) योजना 2024 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि कानून द्वारा बच्चों की सुरक्षा, देखभाल, संरक्षण, पुनर्वास एवं उनके सर्वोत्तम हित को विशेष महत्व दिया गया है। किसी भी बच्चे के साथ अपराध या शोषण होने की स्थिति में उसे विधिक सहायता एवं संरक्षण प्राप्त करने का अधिकार है। बच्चों को सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं सावधानीपूर्वक उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया गया। उन्हें समझाया गया कि सोशल मीडिया पर अपना पता, मोबाइल नंबर, पासवर्ड, स्कूल की जानकारी, निजी फोटो अज्ञात व्यक्तियों के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।