चुनाव प्रचार थमने से ठीक पहले चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के वार्ड नंबर 53 और वार्ड नंबर 17 में भाजपा, कांग्रेस के प्रत्याशी और उनके समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों जगह पहले बहस हुई, फिर धक्का-मुक्की तक नौबत पहुंच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को संभाला। इन घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासन ने पूरे शहर में निगरानी बढ़ा दी है, जिससे बुधवार को होने वाला मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से कराया जा सके। वार्ड 53 में चुनाव कार्यालय के बाहर शुरू हुआ विवाद पहली घटना वार्ड नंबर 53 में हुई। भाजपा प्रत्याशी निकिता सैनी के चुनाव कार्यालय के बाहर उस समय माहौल बिगड़ गया, जब उनके पति राजन माली की नजर एक युवक पर पड़ी। राजन माली का कहना है कि वह युवक करीब दो घंटे से कार्यालय के आसपास घूम रहा था और उसकी गतिविधियां उन्हें संदिग्ध लगीं। जब उन्होंने युवक से वहां खड़े रहने का कारण पूछा तो दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में कांग्रेस प्रत्याशी राधा देवी के पति देवराज साहू अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी होने लगी और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर माहौल शांत करने की कोशिश की और राजन माली को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बाद में राजन माली ने कोतवाली थाने में शिकायत देकर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की। भाजपा ने लगाए हमले के आरोप, कांग्रेस ने किया खंडन वार्ड 53 की घटना के बाद भाजपा की ओर से कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए गए। राजन माली ने कहा कि उनके और उनके परिवार पर हमला किया गया। वहीं भाजपा प्रत्याशी निकिता सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को चुनाव हारने का डर है, इसलिए उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपने परिवार की सुरक्षा बढ़ाने और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से इस मामले में अलग पक्ष सामने आया। हालांकि इस घटना पर कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, लेकिन दोनों पक्षों के आरोपों के बाद मामला पूरी तरह पुलिस जांच के दायरे में पहुंच गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी लेकर पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। वार्ड 17 में बूथ की दूरी को लेकर बढ़ा विवाद दूसरी घटना वार्ड नंबर 17 में हुई, जहां मतदान केंद्र के बाहर लगाए जाने वाले पार्टी बूथ की दूरी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह मेड़तिया ने बूथ लगाए जाने की जगह और उसकी दूरी को लेकर आपत्ति जताई। इसी दौरान भाजपा प्रत्याशी सुरेश झंवर और उनके समर्थक भी मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच पहले बहस हुई, लेकिन देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और समर्थक भी आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर अलग किया और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति बनने से पहले मामला शांत करा दिया। कुछ देर तक मौके पर तनाव का माहौल रहा, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में स्थिति सामान्य हो गई। दोनों प्रत्याशियों ने अपने-अपने पक्ष रखे वार्ड 17 की घटना के बाद भाजपा प्रत्याशी सुरेश झंवर ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ता निलेश बल्देवा के साथ कांग्रेस प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने गाली-गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और इस तरह की हरकत किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह मेड़तिया ने इन आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि किसी तरह की गाली-गलौज नहीं हुई। विवाद केवल इस बात को लेकर था कि मतदान केंद्र से पार्टी का टेंट कितनी दूरी पर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रशासन को करना चाहिए था, लेकिन बहस के दौरान माहौल गर्म हो गया। मेड़तिया ने कहा कि मतदान से पहले सभी लोगों को संयम रखना चाहिए और चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में होना चाहिए। मतदान से पहले प्रशासन पूरी तरह सतर्क चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों में बुधवार को मतदान होना है। ऐसे में मतदान से एक दिन पहले दो अलग-अलग वार्डों में हुए विवाद ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने संबंधित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराना उसकी प्राथमिकता है। किसी भी तरह की कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस ने सभी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों से अपील की है कि मतदान के दौरान संयम बनाए रखें और किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय प्रशासन को सूचना दें।