पंचायतीराज चुनाव का बिगुल बज गया है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। चित्तौड़गढ़ जिले में दो चरणों में मतदान होगा। इस चुनाव में 35 जिला परिषद सदस्य, 11 प्रधान, पंचायत समितियों के 199 सदस्य, 359 सरपंच और 3159 वार्ड पंच चुने जाएंगे। जिला प्रमुख और पंचायत समितियों के प्रधान का चुनाव मतगणना के बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधि करेंगे। जिले के चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति, भदेसर, कपासन, राशमी और भोपाल सागर में तीसरे चरण में चुनाव होंगे। जबकि बेगूं, भैंसरोडगढ़, गंगरार, निंबाहेड़ा, डूंगला और बड़ीसादड़ी में चौथे चरण में चुनाव होंगे। 5 महिला प्रधान होंगी 23 सितंबर को जिला मुख्यालय पर जिला परिषद और पंचायत समिति प्रधान पदों के लिए लॉटरी निकाली गई थी। इसके अगले दिन 24 सितंबर को सभी उपखंड मुख्यालयों पर सरपंच और वार्ड पंच पदों का आरक्षण तय हुआ। इस बार जिला प्रमुख का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। वहीं जिले की 11 पंचायत समितियों में प्रधान महिला होंगी। इनमें गंगरार में अनुसूचित जाति महिला, राशमी में अनुसूचित जनजाति महिला तथा निंबाहेड़ा, भैंसरोड़गढ़ और बड़ीसादड़ी में सामान्य महिला प्रधान चुनी जाएगी। बाकी पंचायत समितियों में आरक्षण के अनुसार चुनाव होंगे। सरपंच के लिए बैलेट, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए ईवीएम सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव मतपेटी यानी बैलेट पेपर से होंगे। वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम का उपयोग किया जाएगा। चित्तौड़गढ़ जिले में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) की मल्टी पोस्ट मल्टी वोट (एमपीएमवी) मॉडल की मशीनें इस्तेमाल होंगी।