चित्तौड़गढ़ की पॉक्सो कोर्ट-1 ने नाबालिग लड़की से रेप करने वाले को 20 साल जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 55 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही पीड़िता को राज्य की प्रतिकर योजना के तहत डेढ़ लाख रुपए की सहायता राशि देने का आदेश भी दिया गया है। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभियोजन की ओर से पेश किए गए गवाहों, डॉक्यूमेंट्स और अन्य सबूतों को देखा। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशिष्ट न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट-1 लता गौड़ ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया। सुनसान जगह ले जाकर किया था रेप, धमकी भी दी विशिष्ट लोक अभियोजक गोपाल लाल जाट ने बताया कि आरोपी नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर एक सुनसान जगह पर ले गया था। वहां उसने जबरदस्ती रेप किया। वारदात के बाद आरोपी ने पीड़िता को किसी को भी घटना के बारे में नहीं बताने की धमकी दी। डर की वजह से पीड़िता कुछ समय तक चुप रही, लेकिन इस घटना के कारण वह गर्भवती हो गई। इसके बाद मामला सामने आया और परिजनों को पूरी जानकारी मिली। फिर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और पूरे मामले की जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया। 14 गवाह और 40 दस्तावेज बने फैसले का आधार मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 14 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 40 डॉक्यूमेंट्स पेश किए। इन्हीं सबूतों के आधार पर कोर्ट में आरोपी के खिलाफ पक्ष रखा गया। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में सफल रहा है।