चित्तौड़गढ़ जिले में मार ढुलाई करने वाले 4134 भार वाहनों की ऑनलाइन आरसी सस्पेंड कर दी गई है। इनके मालिकों ने टैक्स जमा नहीं कराने या गाड़ियों की फिटनेस नहीं करवानों का खामियाजा चुकाया। जिला परिवहन विभाग (DTO) ने सितंबर महीने में यह बड़ी कार्रवाई की है। DTO और कार्यवाहक प्रादेशिक परिवहन अधिकारी दयाशंकर गुप्ता ने बताया- इन गाड़ियों के मालिकों ने लंबे समय से सरकार का टैक्स जमा नहीं कराया था और ना ही निर्धारित समय पर गाड़ियों की फिटनेस प्रक्रिया पूरी करवाई। पहले इन्हें नोटिस दिए गए। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ तो अब ऑनलाइन आरसी सस्पेंड करने का फैसला किया है। अब ये गाड़ियां सामान्य रूप से सड़क पर नहीं चल सकेंगी और इनका व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकेगा। 4134 वाहनों पर 55 करोड़ रुपए का टैक्स बाकी DTO दयाशंकर गुप्ता ने बताया- 4134 वाहनों के मालिकों पर नियमानुसार कार्रवाई की है। इन गाड़ियों पर सरकार का करीब 55 करोड़ रुपए का टैक्स बकाया है। ऑनलाइन आरसी निलंबन के बाद इन गाड़ियों के लिए माइनिंग विभाग से रवन्ना भी जारी नहीं हो सकेगा। यह गाड़ियां अब सड़क पर चलने लायक नहीं रहीं। इसके अलावा अन्य किसी भी प्रकार के माल परिवहन के लिए भी इन गाड़ियों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। फिटनेस प्रमाण पत्र और टैक्स जमा होना वाहन संचालन के लिए जरूरी है। बिना इन प्रक्रियाओं को पूरा किए गाड़ी चलाना नियमों के खिलाफ है। परिवहन विभाग की यह कार्रवाई वाहन मालिकों को नियमों का पालन करने और बकाया राशि जमा कराने के लिए की गई है। टैक्स जमा नहीं कराया तो आरसी होगी रद्द दयाशंकर गुप्ता ने बताया- वाहन मालिकों के पास बकाया राशि जमा कराने और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का मौका है। अगर टैक्स जमा नहीं कराया गया तो आरसी पूरी तरह रद्द करने की कार्रवाई करेंगे। आरसी सस्पेंड होने के बाद भी अगर कोई वाहन सड़क पर चलता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ऐसे वाहनों पर नजर रखेगा। अन्य गाड़ियों की भी हो रही जांच DTO दयाशंकर गुप्ता ने बताया- परिवहन विभाग अब ऐसे अन्य भार वाहनों की जानकारी जुटा रहा है, जिनका टैक्स जमा नहीं हुआ है या जिनकी फिटनेस लंबित है। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से जहां बकाया टैक्स की वसूली में मदद मिलेगी, वहीं सड़कों पर नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों पर भी नियंत्रण रहेगा।