चूरू सदर थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 साल की नाबालिग से रेप के मामले में पोक्सो कोर्ट ने 22 वर्षीय आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल की कैद की सजा सुनाई है। मई 2024 के इस मामले में अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के सामने 14 गवाहों के बयान और 32 दस्तावेजी सबूत पेश किए। अदालत ने इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। पीड़िता को मुआवजा योजना के तहत 6 लाख रुपए की आर्थिक सहायता भी दी गई है। रात में घर से बाहर गई थी नाबालिग मामले में पोक्सो कोर्ट के सरकारी वकील राकेश कुमार सहारण ने बताया कि मई 2024 में नाबालिग के पिता ने महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, रात करीब 12 बजे उनकी 14 वर्षीय बेटी घर से बाहर गई थी। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। डेढ़ घंटे बाद घबराई हालत में लौटी परिवार के लोग नाबालिग की तलाश कर रहे थे। करीब डेढ़ घंटे बाद वह घर के पास एक गाड़ी से उतरी। परिजनों ने उसे घबराई हुई हालत में देखा। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि आरोपी युवक बहाने से उसे गली में बुलाकर जबरन गाड़ी में बैठाकर गांव से बाहर खेतों में ले गया। वहां उसने नाबालिग के साथ रेप किया। आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। जांच के बाद कोर्ट में पेश हुए सबूत पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पोक्सो एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 14 गवाहों के बयान और 32 दस्तावेजी सबूत अदालत में पेश किए गए। सरकारी वकील राकेश कुमार सहारण ने बताया कि इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। 20 साल की सजा, पीड़िता को 6 लाख की सहायता पोक्सो कोर्ट ने आरोपी 22 वर्षीय युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल की कैद की सजा सुनाई। परिवादी की ओर से एडवोकेट रामकिशन शर्मा और एडवोकेट संदीप सिहाग ने पैरवी की। वहीं, पीड़िता को मुआवजा योजना के तहत 6 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है।