नगर निगम चुनाव में भाजपा ने 10 विधानसभा क्षेत्रों में 78 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। नतीजों का विधानसभावार आकलन करें तो सांगानेर में भाजपा ज्यादा मजबूत बनकर उभरी है। सांगानेर में सीएम फैक्टर और रणनीति की बदौलत 21 वार्डों में से कांग्रेस केवल 6 वार्ड में ही सिमटकर रह गई। शहर के 10 विधानसभा क्षेत्रों में से भाजपा ने सबसे ज्यादा 15 वार्ड सांगानेर में ही जीते हैं। बीते दो नगर निगम चुनावों (2014 और 2020) के मुकाबले भाजपा इस बार यहां सबसे मजबूत दिखी। भाजपा की इस जीत के पीछे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की खास रणनीति रही। सीएम ने मजबूत चेहरे मैदान में उतारे और नामांकन के बाद डैमेज कंट्रोल करने के लिए बागियों और निर्दलीयों को मनाया। 21 में से 19 वार्डों में 37 निर्दलीयों को मनाकर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में किया। ऐसे में चुनाव में ताल ठोंकने वाले बागी ही भाजपा के लिए वोट मांगते नजर आए। सांगानेर में भाजपा को 1,06,098 वोट, कांग्रेस को 82,397 वोट सांगानेर में भाजपा को 21 वार्डों में 1,06,098 वोट मिले, वहीं कांग्रेस को 82,397 वोट प्राप्त हुए। डैमेज कंट्रोल करने से निर्दलीयों को जाने वाले वोट भाजपा में ही डले। भाजपा को कांग्रेस के मुकाबले 23,701 ज्यादा वोट मिले। सांगानेर की रणनीति का असर मालवीय नगर और सिविल लाइंस के वार्डों में भी दिखा। मालवीय नगर में सिर्फ एक निर्दलीय भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगा पाया। सिविल लाइंस में एक भी निर्दलीय नहीं जीता। बगरू में भी निर्दलीय नहीं जीते, लेकिन कांग्रेस यहां भाजपा से मजबूत रही और दो वार्ड ज्यादा जीते। सांगानेर और सिविल लाइंस में 52 में से 32 वार्ड भाजपा ने जीते, कांग्रेस केवल 19 वार्ड में जीत हासिल कर पाई।