नगर निगम चुनाव में मुकाबला भले कमल और हाथ के बीच रहा, लेकिन मतपत्र पर सेब, अलमारी, टीवी, गुब्बारा और सिलाई मशीन भी अपनी पहचान छोड़ गए। 368 निर्दलीय मैदान में थे। इनमें से 15 ने जीत का स्वाद चखा। यानी हर 25 निर्दलीयों में से एक को जीत मिली। इन 15 विजेताओं में सेब सबसे ‘फलदायी’ रहा। 6 प्रत्याशियों को जीत का स्वाद चखाया। अलमारी ने 5 वार्डों के ताले खुले। टीवी 2 वार्डों में चमका, जबकि गुब्बारा और सिलाई मशीन ने एक-एक जीत दिलाई। निर्दलीयों के पास किसी पार्टी का स्थापित चुनाव चिह्न नहीं था, इसलिए प्रचार में मिला निशान ही उनका चेहरा बना। किसी ने मतदाताओं को अलमारी याद कराई, किसी ने सेब, किसी ने टीवी। नतीजों में भी यही निशान उनकी अलग पहचान बनकर उभरे। निर्दलीय जमीला सबसे ज्यादा 2,113 मतों से जीती वार्ड 13 के रणवीर सिंह राजावत, 26 की सुशीला यादव, 29 के विक्रम सिंह शेखावत, 35 के अमरचंद कुमावत, 80 की रेणु चौधरी और 109 के रईस खान सेब चुनाव चिह्न पर जीते। रेणु चौधरी को सबसे ज्यादा 7,944 वोट मिले और उन्होंने 357 वोट से जीत दर्ज की। वार्ड-1 के मोहनलाल कुमावत, 5 के देवेंद्र सिंह निठारवाल, 108 की संगीता शर्मा, 128 के इशाक मंसूरी और 140 के भूपेंद्र मीणा अलमारी निशान पर जीते। इशाक मंसूरी ने 8,220 वोट हासिल किए। वार्ड-136 की जमीला बेगम और 148 की बरखा सैनी के लिए टीवी जीत की स्क्रीन बना। जमीला को 6,922 वोट मिले और जीत का अंतर 2,113 रहा। वार्ड-8 में मंजू शर्मा का गुब्बारा जीत तक उड़ा, जबकि वार्ड-146 में फिरोजा ने 1,975 वोट से जीत दर्ज की।