डीग पुलिस ने ‘ऑपरेशन काउंटडाउन’ के तहत साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। कैथवाड़ा थाना पुलिस ने जाजमका पहाड़ की तलहटी में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके साथ मिले तीन नाबालिगों को नियमानुसार हिरासत में लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन और 7 सिम कार्ड बरामद किए हैं। मोबाइल और सिम की जांच में 1930 साइबर पोर्टल पर पांच शिकायतों में 17,198 रुपए के ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े लेन-देन का रिकॉर्ड सामने आया है। मुखबिर की सूचना पर पहाड़ की तलहटी में पहुंची पुलिस पुलिस को 17 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जाजमका पहाड़ की तलहटी में कुछ युवक ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही कैथवाड़ा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वहां करीब छह संदिग्ध युवक बैठे मिले। पुलिस को देखते ही सभी भागने लगे, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों की पहचान फारुख (38), शकील (32) और वकील (26) के रूप में हुई। तीनों झैझपुरी, थाना कैथवाड़ा के रहने वाले हैं। इनके साथ मिले तीन नाबालिगों को भी पुलिस ने नियमानुसार हिरासत में लिया। फर्जी आईडी बनाकर अश्लील वीडियो कॉल से ठगी जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी फेसबुक और वॉट्सऐप आईडी बनाकर लोगों को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य लोगों से अश्लील वीडियो कॉल करते और उसकी रिकॉर्डिंग कर लेते थे। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूलने की कोशिश की जाती थी। आरोपी अज्ञात लोगों को टेक्स्ट मैसेज भेजकर हर्जा-खर्चा में मदद करने के नाम पर भी धोखाधड़ी करते थे। पुलिस जांच में फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। 1930 पोर्टल पर पांच शिकायतों से जुड़ा रिकॉर्ड मिला पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन के IMEI नंबर और सिम नंबरों की जांच 1930 साइबर पुलिस पोर्टल पर की। जांच के दौरान पांच शिकायतों में कुल 17,198 रुपए के ऑनलाइन फ्रॉड से संबंधित लेन-देन का रिकॉर्ड सामने आया। इसके बाद पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी। बैंक खातों और संपत्ति की भी होगी पड़ताल कैथवाड़ा थाने में मुकदमा नंबर 163/2026 दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस आरोपियों और निरुद्ध किए गए बालकों से पूछताछ कर रही है। उनके बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि साइबर ठगी से अर्जित रकम से आरोपियों ने कोई संपत्ति बनाई या खरीदी है या नहीं। ऐसी संपत्ति मिलने पर नए कानूनों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डीएसटी और साइबर सेल ने भी किया सहयोग कार्रवाई में कैथवाड़ा थाना पुलिस के साथ डीएसटी और साइबर सेल की टीम की भूमिका रही। पुलिस टीम में थाना प्रभारी ताराचंद शर्मा, एएसआई हरवीर सिंह सहित पुलिसकर्मी शामिल रहे। डीएसटी और साइबर सेल की टीम ने तकनीकी जांच में सहयोग किया।