गणेश चतुर्थी के अवसर पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। रणथंभौर मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं की सेवा के लिए भंडारे शुरू हो गए। कहीं पूरी-सब्जी तो कहीं कचौरी, पोहा, नाश्ता, जलपान, लस्सी और शरबत की व्यवस्था की गई है। भंडारा संचालक और सेवादार गणेश जी के दर्शन के लिए पैदल जा रहे श्रद्धालुओं का मान-मनुहार के साथ स्वागत कर उन्हें भोजन और जलपान करा रहे हैं। सुबह से ही रणथंभौर मार्ग पर पदयात्रियों की आवाजाही बढ़ने लगी। श्रद्धालुओं के जत्थे हाथों में गणेश जी के ध्वज लेकर जयकारे लगाते हुए मंदिर की ओर बढ़ते नजर आए। रास्ते में लगे सेवा शिविर और भंडारे पदयात्रियों के लिए राहत का केंद्र बने हुए हैं। गर्मी और उमस के बीच लंबी दूरी तय कर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जगह-जगह ठंडा शरबत, लस्सी और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। कई स्थानों पर नाश्ते के साथ भोजन की भी व्यवस्था की गई है। सफाई पर विशेष जोर : मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रणथंभौर मार्ग पर साफ-सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भंडारा स्थलों के आसपास कचरा एकत्रित न हो, इसके लिए सेवादार लगातार सफाई कर रहे हैं। भोजन और जलपान के बाद उपयोग में आने वाली सामग्री को निर्धारित स्थान पर डालने के लिए श्रद्धालुओं को भी जागरूक किया जा रहा है। मार्ग पर जगह-जगह सफाई कर्मी और सेवा से जुड़े लोग व्यवस्थाओं को संभालते नजर आए। रविवार को बढ़ेंगे श्रद्धालु: गणेश चतुर्थी के मुख्य अवसर को देखते हुए रविवार को श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। शनिवार से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु रणथंभौर पहुंचना शुरू हो गए हैं। आसपास के गांवों और कस्बों के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु गणेश जी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। रोडवेज सेवा भी शुरू : मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रविवार से रोडवेज बस सेवा भी शुरू होगी। इससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी। मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ परिवहन व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहेगी। रोडवेज की बसें श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्ग से मेला क्षेत्र के नजदीक तक पहुंचाने में मदद करेंगी।त्रिनेत्र गणेश जी के लक्खी मेले में श्रद्धा के साथ सेवा का भाव भी देखने को मिल रहा है। रणथंभौर मार्ग पर लगे भंडारे और सेवा शिविर मेले की खास पहचान बन गए है।