धौलपुर में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान पूरा हो गया है। इसके साथ ही धौलपुर नगर परिषद की राजनीति में सभापति बनने को लेकर जोड़-तोड़ भी शुरू हो गई है। नगर परिषद के 60 वार्डों में 317 उम्मीदवारों का भविष्य अब ईवीएम में कैद है। मतदान खत्म होते ही सभी प्रत्याशी और राजनीतिक दल हार-जीत का हिसाब लगाने में जुट गए हैं। शहर की गलियों से लेकर चाय की दुकानों तक चुनावी चर्चाएं तेज हैं। हर वार्ड में वोटों के समीकरण, मतदान प्रतिशत और बूथ के रुझानों पर बात हो रही है। समर्थक अपने-अपने उम्मीदवार की जीत के दावे कर रहे हैं। कोई जातीय समीकरणों को अपने पक्ष में बता रहा है, तो कोई मतदान के दौरान बने माहौल को जीत का आधार मान रहा है। मतदान के बाद कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवारों के खेमों में सक्रियता बढ़ गई है। कई उम्मीदवार और उनके समर्थक बाड़ेबंदी में जुट गए हैं। कुछ वार्डों में तो मतदान पूरा होने से पहले ही उम्मीदवारों के लापता होने की खबरें भी सामने आई हैं। इससे राजनीतिक माहौल और दिलचस्प हो गया है। कई वार्डों के मतदाता अपने-अपने प्रत्याशियों को भी तलाशने में लगे हैं। भाजपा और कांग्रेस के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों के समर्थक मतदान प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही प्रत्याशी के लापता होने को लेकर हैरान हैं। दूसरी तरफ बड़े राजनीतिक दलों के नेता भी वार्डवार समीकरणों को समझने और नतीजों का अनुमान लगाने में जुटे हैं। कार्यकर्ताओं में नतीजों को लेकर बेचैनी है। वहीं, उम्मीदवार अपने समर्थकों से जानकारी लेकर जीत-हार का गणित बैठा रहे हैं। अब सभी की निगाहें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना और चुनाव नतीजों पर टिकी हैं। ईवीएम खुलने के बाद ही साफ होगा कि मतदाताओं ने किसे चुना और नगर परिषद की सत्ता किसके हाथ आएगी।