धौलपुर नगर परिषद सभापति पद के चुनाव के लिए गुरुवार को नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो गई। इस दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेंद्र उर्फ पप्पू जाट का नामांकन खारिज कर दिया गया, क्योंकि वे अपना प्रस्तावक पेश नहीं कर पाए। किसी भी राजनीतिक दल ने अपने उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह (सिंबल) नहीं दिए हैं। ऐसे में सभापति पद का मुकाबला पूरी तरह निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच होगा। चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक जिन उम्मीदवारों ने कांग्रेस या बसपा जैसी पार्टियों से नामांकन भरा था, लेकिन उन्हें पार्टी का चुनाव चिन्ह नहीं मिला, वे अब निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। इसमें कांग्रेस से नामांकन भरने वाले शराफत खान और सीमा शर्मा, साथ ही बसपा प्रत्याशी सुभाष शर्मा भी निर्दलीय के रूप में मैदान में उतरेंगे। भाजपा ने इस बार किसी भी उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है। अब 7 प्रत्याशी मैदान में धौलपुर नगर परिषद के निर्वाचन अधिकारी सुरेश राव ने बताया कि जांच के बाद अब सभापति पद के लिए 7 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं। इनमें निशांत, कमलजीत, सुभाष शर्मा, शराफत खान, गिरीश गर्ग, सीमा शर्मा और सत्यदेव कंसाना शामिल हैं। ये सभी उम्मीदवार निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया होगी। इसके बाद सभापति पद के चुनाव की स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। किसी पार्टी ने नहीं दिया सिंबल खास बात यह है कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही बड़ी पार्टियों ने इस बार किसी भी उम्मीदवार को आधिकारिक टिकट नहीं दिया है। इस स्थिति में धौलपुर नगर परिषद में एक बार फिर निर्दलीय बोर्ड बनने की संभावना को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पिछली बार भी नगर परिषद में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से ही बोर्ड बना था। अब सभापति चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच होने वाला मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है।