धौलपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को आयोजित तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामे के माध्यम से कुल 2966 प्री-लिटिगेशन एवं लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस दौरान लंबित मामलों में 3 करोड़ 48 लाख 31 हजार 295 रुपए की राशि के अवार्ड पारित किए गए। लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण होने पर पक्षकारों को त्वरित न्याय प्राप्त करने का अवसर मिला। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार आयोजित लोक अदालत का उद्घाटन न्यायिक अधिकारियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो के मार्गदर्शन में हुआ। 10 बैंचों का किया गया गठन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रेखा यादव ने बताया कि धौलपुर जिले में लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए कुल 10 बैंचों का गठन किया गया। धौलपुर मुख्यालय पर चार बैंच बनाई गईं। इनके माध्यम से स्थायी लोक अदालत, उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, सेशन न्यायालय, मजिस्ट्रेट न्यायालय तथा प्री-लिटिगेशन के मामलों की सुनवाई की गई। इसके अलावा बाड़ी में दो तथा राजाखेड़ा, बसेड़ी, सरमथुरा और सैंपऊ में एक-एक बैंच गठित की गई। इस अवसर पर पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश मुकेश आर्य, अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश गोपाल सैनी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बबीता वर्मा, एसडीएम सुरेश राव, अभिभाषक संघ अध्यक्ष हरिओम शर्मा, सचिव अरविंद गुर्जर, स्थायी लोक अदालत के सदस्य रामदत्त श्रोती सहित अधिवक्ता सर्वेश मिश्रा, अमन भार्गव, अशोक कुमार अग्रवाल तथा अन्य न्यायिक अधिकारी और वकील मौजूद रहे।