धौलपुर की रीको आवासीय कॉलोनी में जलभराव, खराब जल निकासी, बदहाल सड़क, सफाई और पार्कों की अव्यवस्था से परेशान कॉलोनीवासियों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है। लोगों ने रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक को मांग पत्र सौंपकर 15 दिन के भीतर स्थल निरीक्षण व तकनीकी सर्वे, इसके बाद विस्तृत कार्ययोजना और प्रत्येक काम की लिखित समय-सीमा उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन की प्रतिलिपि उद्योग मंत्री, राज्यमंत्री, जिला कलेक्टर, नगर परिषद आयुक्त व सभापति सहित रीको के संबंधित उच्चाधिकारियों को भी भेजी गई है। मुख्य सड़क ऊंची, कॉलोनी में भरता है पानी कॉलोनीवासियों ने बताया कि मुख्य सड़क का लेवल कॉलोनी से ऊंचा होने के कारण बारिश का पानी अंदर जमा हो जाता है। जल निकासी के लिए रीको की ओर से किए गए अस्थायी उपाय भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर सके। लोगों ने बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी ड्रेनेज और नाली व्यवस्था विकसित करने के साथ सड़क के लेवल में सुधार की मांग की है। झाड़ियां हटाने से लेकर पार्कों की जल निकासी तक लोगों ने सड़क किनारे उगी झाड़ियों और घास की नियमित सफाई कराने तथा जरूरत के अनुसार इंटरलॉकिंग या पक्का निर्माण कराने की मांग की। पार्कों में भी बारिश का पानी जमा होने की समस्या बताई गई है। इसके समाधान के साथ मच्छरों से बचाव के लिए नियमित फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव कराने की मांग की गई है। सफाई व्यवस्था पर रीको-नगर परिषद में असमंजस कॉलोनीवासियों ने सफाई व्यवस्था को लेकर रीको और नगर परिषद के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की बात कही। उनका कहना है कि बिलों में सफाई शुल्क लिए जाने के बावजूद नियमित सफाई नहीं हो रही। लोगों ने दोनों विभागों से जिम्मेदारी स्पष्ट कर नियमित सफाई के साथ सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। दोनों प्रवेश मार्गों पर फिर लगें गेट कॉलोनीवासियों ने दोनों प्रवेश मार्गों पर गेट लगाने की मांग भी रखी है। उनका कहना है कि पहले कॉलोनी गेट बंद व्यवस्था में थी, लेकिन वर्तमान में दोनों ओर से रास्ते खुले होने के कारण बाहरी लोगों का अनावश्यक आवागमन बढ़ गया है। साथ ही जंगली जानवरों के कॉलोनी में प्रवेश की समस्या भी बनी रहती है। लोगों ने दोनों तरफ गेट लगाकर कॉलोनी को पूर्व की तरह गेट बंद कॉलोनी के रूप में विकसित करने की मांग की। 15 दिन में सर्वे, फिर तय हो हर काम की समय-सीमा कॉलोनीवासियों ने मांग की कि 15 दिन के भीतर स्थल निरीक्षण और तकनीकी सर्वे कराया जाए। इसके बाद जल निकासी, सड़क, सफाई, पार्क और अन्य कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रत्येक कार्य को पूरा करने की समय-सीमा लिखित रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।