धौलपुर में हजरत शरफ अब्दाल शाह रहमतुल्लाह अलैह, पहाड़ वाले वली का 133वां उर्स मुबारक गुरुवार रात धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर अखिल भारतीय मुकाबला-ए-कव्वाली का आयोजन हुआ। नागपुर से आए कव्वाल फैजान ताज और दिल्ली की कव्वाला बेबी जरा ने अपनी प्रस्तुतियों से देर रात तक महफिल में समां बांधे रखा। बड़ी संख्या में लोग कव्वाली सुनने पहुंचे और कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। प्रेम और कौमी एकता का संदेश कव्वाली कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए प्रेम, भाईचारे, कौमी एकता और देशभक्ति का संदेश दिया। रात बढ़ने के साथ महफिल में लोगों का उत्साह भी बढ़ता गया। श्रोताओं ने ध्यान से कव्वालियां सुनीं और कलाकारों का हौसला बढ़ाया। मुख्य अतिथि का किया स्वागत कार्यक्रम में पूर्व पार्षद शोभा बाई मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहीं। आयोजन समिति की ओर से माला और साफा पहनाकर उनका स्वागत किया गया। पहाड़ कमेटी के सदर हामिद खान और कमेटी के अन्य सदस्यों ने मुख्य अतिथि के साथ कव्वाल फैजान ताज और कव्वाला बेबी जरा का भी स्वागत किया। उर्स में दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता उर्स मुबारक के दौरान धौलपुर में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की तस्वीर भी देखने को मिली। अलग-अलग समुदायों के लोग बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए और एक साथ कव्वाली की महफिल का आनंद लिया। आयोजन स्थल पर प्रेम, सद्भाव और आपसी भाईचारे का माहौल नजर आया। पुलिस-प्रशासन ने संभाली व्यवस्था उर्स और कव्वाली कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा सहित अन्य जरूरी इंतजाम किए गए थे। इन व्यवस्थाओं के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। 133वें उर्स मुबारक और अखिल भारतीय मुकाबला-ए-कव्वाली ने लोगों के बीच प्रेम, सद्भाव और कौमी एकता का संदेश पहुंचाया।