डीडवाना-कुचामन जिले के खारड़िया गांव के मोहनपुर इलाके में वन विभाग की भूमि से बड़े पैमाने पर पेड़ काटने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 100 से 200 बीघा वन भूमि में खेजड़ी, केर, बरगद, पीपल और बबूल सहित करीब ढाई हजार पेड़ काट दिए गए। पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों में रोष है। मामले में ग्रामीणों ने कुचामन वन विभाग के रेंजर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने वन भूमि से काटे गए पेड़ों की संख्या और कटाई की अनुमति की भी जांच कराने की मांग की। ठेकेदार पर पेड़ कटवाने का आरोप ग्रामीणों ने ज्ञापन में ठेकेदार इस्माइल खान पर पेड़ कटवाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के अनुसार ठेकेदार की ओर से लोगों को वन विभाग से एनओसी लिए जाने की बात कही गई थी। ग्रामीणों ने संबंधित एनओसी की सत्यता और उसकी वैधता की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग की अनुमति के बिना पेड़ काटे गए हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पेड़ कटाई रोकने पहुंचे वनप्रेमी को धमकी का आरोप वनप्रेमी धर्मसिंह खारड़िया ने आरोप लगाया कि पेड़ों की कटाई रोकने के लिए मौके पर पहुंचने पर भाजपा नेता एवं पलाड़ा सरपंच प्रतिनिधि विजय सिंह पलाड़ा ने उन्हें मामले में हस्तक्षेप नहीं करने की चेतावनी दी। धर्मसिंह ने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस को भी ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि इस अवधि में पेड़ कटाई मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने वन संपदा की सुरक्षा के लिए मौके का निरीक्षण कराने और काटे गए पेड़ों की जांच की भी मांग की है। हालांकि मामले में विजय सिंह पलाड़ा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि सभी आरोप राजनीति से प्रेरित है। इनपुट - कमलेश पारीक।