अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार पर अपनी दावेदारी जताई। 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार, 9 अक्टूबर को होनी है। इससे एक दिन पहले ट्रम्प ने कहा कि उन्हें यह पुरस्कार मिलना चाहिए। अगर नोबेल समिति उन्हें यह पुरस्कार नहीं देती है, तो इससे नोबेल समिति की बहुत बदनामी होगी। ट्रम्प ने कहा, ‘मैं अपनी तारीफ नहीं कर रहा हूं, सिर्फ तथ्य बता रहा हूं। मैंने 8 युद्ध रुकवाए और दुनिया को तबाह होने से रोका। शायद किसी भी राष्ट्रपति ने इतने युद्ध नहीं सुलझाए।’ ओबामा को नोबेल मिलने पर भी सवाल उठाए ट्रम्प ने 2009 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को मिले नोबेल शांति पुरस्कार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ओबामा को यह पुरस्कार मिलने की वजह उन्हें खुद भी पता नहीं थी। ट्रम्प ने कहा, “ओबामा को सिर्फ 8 महीने में यह मिल गया जबकि उन्होंने कुछ किया भी नहीं था। ओबामा को भी आज तक पता नहीं है कि उन्हें यह किसलिए मिला था।” नॉर्वे की नोबेल समिति ने ओबामा को दूसरे देशों से बातचीत बढ़ाने और दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्त करने की उनकी कोशिशों के लिए चुना था। हालांकि, ओबामा को इतने कम समय में पुरस्कार देने का फैसला उस समय भी चर्चा और विवाद का विषय बना था। 2018 से नोबेल प्राइज मांग रहे ट्रम्प मारिया मचाडो ने ट्रम्प को गिफ्ट कर दिया था अपना नोबेल ट्रम्प की नोबेल दावेदारी का एक मामला वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो से भी जुड़ा है। मचाडो को 2025 का यह पुरस्कार लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उनके काम के लिए दिया गया था। बाद में उन्होंने व्हाइट हाउस में ट्रम्प से मुलाकात की और उन्हें अपना नोबेल मेडल दिया। हालांकि, इससे नोबेल पुरस्कार ट्रम्प को नहीं मिला। पुरस्कार मचाडो के पास ही रहा। नोबेल समिति के मुताबिक, पुरस्कार किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर, साझा या वापस नहीं किया जा सकता। इस बार पोप लियो नोबेल प्राइज के दावेदार ट्रम्प के अलावा पोप लियो, इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC), इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) और फिलिस्तीनी क्षेत्रों के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष रैपोर्टियर फ्रांसेस्का अल्बानीज के नाम भी चर्चा में हैं। पोप लियो युद्ध और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। ICC और ICJ अंतरराष्ट्रीय कानून के जरिए युद्ध और देशों के विवादों से जुड़े मामलों पर काम करते हैं। अल्बानीज गाजा और फिलिस्तीनी इलाकों में मानवाधिकारों के मुद्दे उठाती रही हैं। हालांकि, ये आधिकारिक फाइनलिस्ट नहीं हैं। नोबेल समिति नामांकन की पूरी सूची 50 साल तक सार्वजनिक नहीं करती। --------------------- यह खबर भी पढ़ें... 2026 का केमिस्ट्री नोबेल फ्रांस-जापान के वैज्ञानिकों को:अणुओं के मिरर इमेज की 100 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई; दवाएं बनाने में मदद मिली 2026 का केमिस्ट्री नोबेल पुरस्कार फ्रांस के वैज्ञानिक हेनरी बी. कागन और जापान के केन्सो सोआई को दिया गया है। दोनों वैज्ञानिकों ने रसायन विज्ञान की करीब 100 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई है। पूरी खबर पढ़ें…