डूंगरपुर में जय अम्बे पदयात्रा मंडल ने अंबाजी धाम जाने वाले पदयात्रियों के लिए 3 दिन का विश्राम स्थल शुरू किया है। यहां यात्रियों को भोजन, नाश्ता, ठहरने और इलाज की सुविधा मिल रही है। गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी धाम में 26 सितंबर को भादरवी पूर्णिमा पर मुख्य मेला भरेगा। इसी को देखते हुए जय अम्बे पदयात्रा मित्र मंडल ने यह सेवा स्थल शुरू किया है। मंडल संरक्षक पद्मेश गांधी, अध्यक्ष प्रदीप श्रीमाल और भरतलाल सुथार ने अंबाजी माता की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप जलाकर इसकी शुरुआत की। मंडल के कार्यकर्ताओं ने पदयात्रियों की सेवा शुरू कर दी है। लंबी दूरी तय कर अंबाजी जा रहे श्रद्धालुओं को यहां आराम के साथ खाना और इलाज मिल रहा है। मंडल सचिव रजनीश चौबीसा ने बताया कि सेवा स्थल पर आकर्षक सजावट के साथ पंडाल और साउंड सिस्टम की व्यवस्था की गई है। यात्रियों को इलाज की सुविधा भी मिलेगी। शाम को सेवा स्थल पर माता की महाआरती हुई। इसके बाद गिरीश जोशी के नेतृत्व में दिल की आवाज म्यूजिकल टीम ने माता के गरबों की प्रस्तुति दी। भक्ति गीतों और गरबा संगीत से माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने गरबों का आनंद लिया। इस आयोजन में गजेंद्र श्रीमाल, ओमप्रकाश चौबीसा, विनय चौबीसा, नवीन सुथार, विनोद सुथार, रोशन सुथार, भूपेश सुथार, छतरलाल डांगी और भूपेंद्र श्रीमाल सहित मंडल के कई कार्यकर्ता सेवा में लगे हैं।