डूंगरपुर में बिजली संकट और प्रशासनिक गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए कांग्रेस विधायक गणेश घोगरा गुरुवार शाम से बिजली विभाग के एसई ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे हैं। ठोस आश्वासन या समाधान नहीं मिलने पर धरना देर शाम पड़ाव में बदल गया। विधायक बारिश के बीच समर्थकों के साथ रातभर वहीं डटे रहे। उन्होंने पड़ाव स्थल पर ही खाना खाया और रात गुजारी। आज दूसरे दिन प्रशासन की ओर से विधायक से बातचीत की संभावना है। विधायक का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं और बिजली सप्लाई में सुधार नहीं होता, उनका पड़ाव जारी रहेगा। 5 घंटे भी सिंगल फेज बिजली नहीं मिलने का आरोप विधायक गणेश घोगरा ने गुरुवार शाम करीब 4 बजे बिजली विभाग के एसई ऑफिस के बाहर धरना शुरू किया था। उन्होंने सरकार और बिजली विभाग पर बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए। विधायक के मुताबिक गांवों और शहरों में बार-बार बिजली आने-जाने की समस्या बनी हुई है। उनका आरोप है कि लोगों को अभी 5 घंटे भी सिंगल फेज बिजली नहीं मिल पा रही है। बारिश के बीच रातभर डटे रहे विधायक देर शाम तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर धरना पड़ाव में बदल गया। सोने के लिए गद्दे मंगवाए गए और विधायक ने समर्थकों के साथ रात का खाना भी धरना स्थल पर ही खाया। तेज बारिश के बावजूद विधायक और उनके समर्थक पूरी रात एसई ऑफिस के बाहर डटे रहे। बिजली कटौती से घरों और पशुओं पर असर घोगरा ने कहा कि लगातार बिजली कटौती से महिलाओं को रसोई और घर के कामों में परेशानी हो रही है। बिजली नहीं होने से पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली की समस्या को लेकर अधिकारी जमीनी स्थिति के विपरीत सप्लाई व्यवस्था ठीक होने के दावे कर रहे हैं। कम सप्लाई, बड़े बिलों का मुद्दा विधायक ने बिजली बिलों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के बावजूद लोगों को 2,500 से 8,000 रुपए तक के बड़े बिल दिए जा रहे हैं। उनके मुताबिक कई उपभोक्ताओं को दोगुने-तिगुने बिल मिलने से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। मांग पूरी होने तक जारी रहेगा पड़ाव विधायक ने सरकार और प्रशासन पर लोगों की जमीनी समस्याओं को अनदेखा करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली सप्लाई में सुधार और उनकी मांगों पर ठोस समाधान मिलने तक धरना-पड़ाव जारी रहेगा। दूसरे दिन प्रशासन और विधायक के बीच बातचीत होने की संभावना है।