डूंगरपुर के कांठल क्षेत्र के किसानों के खेतों तक अब सौर ऊर्जा से पानी पहुंचाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत सागवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में माही बेसिन पर स्वीकृत 148.40 करोड़ रुपए की सौर ऊर्जा आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद सागवाड़ा ब्लॉक के करीब 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित होगी और कांठल क्षेत्र के 21 गांवों के किसानों को इसका लाभ मिलेगा। एनिकट से पानी उठाकर सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों के जरिए पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पहुंचाया जाएगा। दो नए एनिकट, चार एनिकट से जुड़ी होगी सौर सिंचाई प्रणाली परियोजना के तहत घोड़ापला और वमासा एनिकट का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ वगेरी, हनुमानवाला, घोड़ापला और भुवासा एनिकट से जुड़ी सौर ऊर्जा आधारित सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली विकसित की जा रही है। सौर ऊर्जा से संचालित पंप एनिकट से पानी उठाएंगे और पाइपलाइन के जरिए इसे खेतों तक पहुंचाया जाएगा। इससे सिंचाई के लिए पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने और उपलब्ध जल का बेहतर उपयोग करने की व्यवस्था विकसित होगी। हाइड्रेंट और वितरण नेटवर्क से नियंत्रित होगा पानी खेतों तक पानी की आपूर्ति के लिए परियोजना में हाइड्रेंट और वितरण नेटवर्क विकसित किए जाएंगे। इसके जरिए किसानों को जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध कराने के साथ जल का नियंत्रित और प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा। पूरी व्यवस्था को स्वचालित नियंत्रण एवं निगरानी प्रणाली से जोड़ने का प्रावधान है। इससे पंपिंग, जल प्रवाह और सिंचाई प्रणाली के संचालन की निगरानी की जा सकेगी। इन गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ परियोजना से गडाझूमजी, घोड़ापाला, बुचिया छोटा, बुचिया बड़ा, पादरडी बड़ी, पादरडी छोटी, पारडा सरोदा, खेरड़ी, भुवासा, वमासा, खडलाई, नवा टापरा, चिबुड़ा, बलरामपुर, सुखापादर, कैलाशपुरी, लिंबोड़ बड़ी, लिंबोड़ छोटी, गडालालसिंह और टिमुरुआ सहित आसपास के गांव लाभान्वित होंगे। 5 सितंबर 2028 तक पूरा करना होगा काम परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति 148.40 करोड़ रुपए की है और इसका कार्यादेश जारी हो चुका है। निर्माण कार्य को 5 सितंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के निर्माण के बाद 8 वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव किया जाएगा। फिलहाल घोड़ापला और वमासा एनिकट के निर्माण सहित परियोजना के विभिन्न कार्य प्रगतिरत हैं। सूक्ष्म सिंचाई से पानी का बेहतर उपयोग परियोजना पूरी होने के बाद कांठल क्षेत्र में सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। सौर ऊर्जा आधारित पंपिंग और आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई तकनीक के जरिए खेतों तक पानी पहुंचाने से जल के नियंत्रित और बेहतर उपयोग की व्यवस्था विकसित होगी। इससे परियोजना से जुड़े गांवों के किसानों को सिंचाई का एक व्यवस्थित स्रोत उपलब्ध होगा।