नई दिल्ली में नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा ने एक संवाद कार्यक्रम किया। इसमें देशभर के 21 जल योद्धा शामिल हुए। डूंगरपुर से रामकथा वाचक कमलेश भाई शास्त्री ने मोरन नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन की गाथा साझा की। कमलेश शास्त्री ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात की। उन्होंने डूंगरपुर की पानी की जरूरतों और मोरन नदी के बहाव से जुड़े मुद्दे बताए। शास्त्री ने बारिश का पानी रोकने के लिए नए बांध की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने मोरन नदी की सफाई और सौंदर्यीकरण के प्रयासों की जानकारी दी। उनके साथ वरिष्ठ पत्रकार डॉ. विवेक भट्ट भी थे। कमलेश शास्त्री ने रामकथा के जरिए 'जल सहयोग से जल संचय' अभियान भी चलाया था। इस मॉडल की केंद्रीय मंत्री पाटिल और सीएम भजनलाल शर्मा ने तारीफ की। चंद्रेश व्यास ने बताया कि सीएम ने मोरन नदी के सौंदर्यीकरण के लिए बजट में 80 करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया है। जल्द ही काम शुरू होगा।