सिरोही जिला मुख्यालय पर दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति की बहनों के नेतृत्व में शौर्य शक्ति संचलन का आयोजन अक्टूबर में किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर आदर्श विद्या मंदिर, रामझरोखा में एक बैठक हुई। बैठक में संचलन की तैयारियों की समीक्षा की गई और समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाने पर चर्चा हुई। इस दौरान शक्ति संचलन का पोस्टर भी जारी किया गया। विभाग मंत्री लक्ष्मण रावल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि जिला मुख्यालय पर होने वाले इस शौर्य संचलन को भव्य, अनुशासित और प्रभावी बनाने के लिए सभी योजनाबद्ध तरीके से काम करें। 'बच्चों के संस्कार बनाने में मां की भूमिका सबसे अहम' विहिप जिलाध्यक्ष हीरालाल चौधरी ने बताया कि दुर्गावाहिनी की स्थापना साल 1991 में नवरात्रि की दुर्गाष्टमी के दिन हुई थी। उन्होंने कहा कि दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति समाज में जागरूकता, संस्कार और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। यह शौर्य संचलन भी इसी का एक हिस्सा है। मातृशक्ति विभाग सह संयोजिका इंद्रा खत्री ने कहा कि बच्चों के संस्कार बनाने में मां की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे को समाज के लिए चिंता का विषय बताया। इंद्रा खत्री ने कहा कि संस्कार सिर्फ कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रह सकते। इसके लिए हर मोहल्ले में बाल संस्कार केंद्र शुरू करने की जरूरत है। इन केंद्रों से बच्चों को भारतीय संस्कृति, संस्कार, नैतिक मूल्य, राष्ट्रभाव और सेवा की भावना से जोड़ा जाएगा। बैठक में मोहल्ला स्तर पर इसकी कार्ययोजना बनाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में आने वाले शौर्य संचलन के लिए मोहल्ला स्तर पर संपर्क, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां, मातृशक्ति की भागीदारी और व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने संचलन को सफल बनाने के साथ ही हर मोहल्ले में बाल संस्कार केंद्र स्थापित करने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता विभाग मंत्री लक्ष्मण रावल, मातृशक्ति विभाग सह-संयोजिका इंद्रा खत्री और विहिप जिला अध्यक्ष हीरालाल चौधरी ने की।