तूफान-बारिश में भी ICU-OT-वेंटिलेटर को 24x7 मिलेगी सप्लाई एसएमएस अस्पताल के 24 मंजिला आईपीडी टावर की बिजली व्यवस्था भी हाईटेक होगी। यहां परंपरागत ओपन-एयर सब-स्टेशन के बजाय गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (जीआईएस) बिल्डिंग बनेगी। जेडीए इस पर ₹1.62 करोड़ खर्च करेगा और इसके लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। खुले सब-स्टेशन की तुलना में जीआईएस के हाई-वोल्टेज उपकरण बंद मेटल एनक्लोजर में रहते हैं, इसलिए आंधी, बारिश, धूल, तेज गर्मी और बाहरी वातावरण से फॉल्ट का जोखिम कम रहता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अस्पताल के आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, वेंटिलेटर, एमआरआई और सीटी स्कैन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए बिजली सप्लाई ज्यादा सुरक्षित और विश्वसनीय रहेगी। IPD टावर में एक साथ सैकड़ों मरीजों के इलाज के साथ ICU, वेंटिलेटर, ऑपरेशन थिएटर, डायग्नोस्टिक मशीनें और अन्य लाइफ-सपोर्ट सिस्टम संचालित होंगे। ऐसे में बिजली व्यवस्था में थोड़ी देर की बाधा भी गंभीर हो सकती है। इसी जरूरत को देखते हुए टावर के लिए कॉम्पैक्ट और हाई-रिलायबिलिटी GIS आधारित पावर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। GIS बिल्डिंग में हाई-वोल्टेज बिजली को कंट्रोल, स्विच और डिस्ट्रीब्यूट करने वाले उपकरण एक सुरक्षित इनडोर सिस्टम में लगाए जाते हैं। सर्किट ब्रेकर, बस-बार, आइसोलेटर, वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर और अर्थिंग स्विच जैसे उपकरण सीलबंद मेटल एनक्लोजर में रहते हैं। जमीन की कमी का समाधान; 80% कम जगह घेरेगा सिस्टम एसएमएस अस्पताल जैसे घने और व्यस्त परिसर में जमीन की उपलब्धता बड़ी चुनौती है। सामान्य ओपन-एयर ग्रिड सब-स्टेशन के मुकाबले GIS सिस्टम करीब 80% तक कम जगह में स्थापित किया जा सकता है। इसी कारण आईपीडी टावर के लिए ओपन सब-स्टेशन की जगह कॉम्पैक्ट GIS बिल्डिंग चुनी गई है। स्पार्किंग और शॉर्ट-सर्किट का जोखिम भी घटेगा GIS तकनीक में उपकरणों को खुले वातावरण में रखने के बजाय गैस-इंसुलेटेड मेटल चैंबर में रखा जाता है। इससे हाई-वोल्टेज उपकरणों के बीच सुरक्षित इंसुलेशन बना रहता है और स्पार्किंग या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट का खतरा कम होता है। उपकरण इनडोर होने से मेंटेनेंस भी अपेक्षाकृत कम होता है। जीआईएस सबस्टेशन सामान्य ओपन-एयर सबस्टेशन की तुलना में 70 से 80% कम जगह घेर सकता है। यानी समान क्षमता का सिस्टम 20 से 30% जगह में ही लग जाता है। सा. सबस्टेशन GIS सबस्टेशन 10,000 वर्गफीट 2,000-3,000 5,000 वर्गफीट 1,000-1,500 ये तुलनात्मक उदाहरण हैं, वास्तविक निर्माण क्षेत्र नहीं।