छोटी सादड़ी रेंज में डंपर से कुचलकर रेंजर की मौत के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। अवैध खनन, अतिक्रमण और तस्करों पर नकेल कसने के साथ-साथ वनकर्मियों की सुरक्षा के लिए विभाग ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी की है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (पीसीसीएफ) अरिजित बनर्जी की ओर से जारी आदेश के तहत अब कोई भी वनकर्मी अकेले गश्त पर नहीं जाएगा। गश्ती दल में कम से कम दो वनकर्मियों की मौजूदगी अनिवार्य कर दी गई है। गश्त के दौरान बाइक सवार वनकर्मी किसी भी चार पहिया वाहन या अर्थ मूवर को सीधे रोकने का प्रयास नहीं करेंगे। किसी भी कार्रवाई या गश्त के दौरान कम से कम तीन वनकर्मी बॉडी कैमरा पहनेंगे। इनकी फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग हार्ड डिस्क में सुरक्षित रखी जाएगी। आदेश सही, पर संसाधनों की कमी दूर करना जरूरी वन मुख्यालय का आदेश कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सही दिशा में पहला कदम है, लेकिन इसे धरातल पर उतारने के लिए संसाधन देने होंगे। हर रेंज में कम से कम एक चार पहिया वाहन होना बेहद जरूरी है, जो फिलहाल कई जगहों पर नहीं है। साथ ही, गश्ती दल में दो के बजाय और अधिक स्टाफ तैनात किया जाना चाहिए। -राहुल भटनागर, सेवानिवृत्त सीसीएफ