भास्कर न्यूज| बारां शहर के नयापुरा स्थित मर्कजी दर्सगाह अहले सुन्नत दारुल उलूम रजविया की ओर से सालाना जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी तथा पहला जश्न-ए-दस्तारबंदी का आयोजन शनिवार रात को बाद नमाज-ए-इशा शाह जमाअत खाने में किया गया। हाफिज व कारी मुहम्मद शोएब रजा निजामी ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर काजी मास्टर अब्दुल कय्यूम ने की। कयादत दारुल उलूम रजविया के सदर मुदर्रिस हाफिज व कारी मुहम्मद अय्यूब रजवी ने की। मुख्य वक्ता रामपुर यूपी के अल्लामा कारी मुहम्मद जाकिर हुसैन रजवी खिताब करते हुए समाज के लोगों को सीधी राह पर चलने तथा बालिकाओं को ज्यादा से ज्यादा शिक्षा दिलाने की बात कही। उन्होंने कई वाकिए सुनाते हुए नमाज की पाबंदी करने, पड़ोसियों से अच्छा सुलूक करने और हमेशा सच बोलने, किसी को भी तकलीफ नहीं देने का संदेश दिया। वहीं कैथून, कोटा के नातख्वां मुहम्मद इश्तियाक रजा अजीजी ने नात और मनकबत पेश की। इसी दौरान दारुल उलूम से कुरआन हिफ्ज करने वाले बच्चों की दस्तारबंदी कर, सनद व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उलेमाओं ने बच्चों को आगे बढ़ने, दीन पर चलने तथा समाज में अच्छी बातें फैलाने के लिए दुआएं दी। इससे पहले दारुल उलूम के छोटे-छोटे बच्चों ने नात, तकरीर, सना, मनकबत पेश की। समाज के लोगों ने बच्चों को इनाम देकर नवाजा। दारुल उलूम अराकीन ए कमेटी की निगरानी में होने वाले इस आयोजन में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से अन्य उलमा-ए-किराम और शुअरा भी शामिल हुए। कार्यक्रम देर रात करीब डेढ़ बजे तक चला। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज जन, बच्चे और महिलाएं आदि मौजूद थे।