बालोतरा के गुड़ामालानी में रविवार को केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने बाजरा अनुंसधान केंद्र के प्रशासनिक एवं प्रयोगशाला भवन का उद्घाटन किया। साथ ही बाजरा किसान सम्मेलन और कृषि प्रदर्शनी में भी शामिल हुए। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि स्थानीय धोरा धरती में बाजरा केवल एक फसल नहीं, बल्कि किसानों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। गुड़ामालानी में क्षेत्रीय बाजरा अनुसंधान केंद्र की स्थापना से पश्चिमी राजस्थान की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बाजरा उत्पादन, नई कृषि तकनीकों और उन्नत किस्मों पर अनुसंधान को रफ्तार मिलेगी। इसका सीधा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिलेगा। दरअसल, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी रविवार को बालोतरा के गुड़ामालानी पहुंचे। वहां पर मंत्री ने कृषि प्रदर्शनी में विभिन्न संस्थानों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े स्टॉल्स का निरीक्षण किया। किसानों से संवाद कर उनकी खेती, उत्पादन और स्थानीय कृषि परिस्थितियों से जुड़ी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। कृषि वैज्ञानिकों से क्षेत्रीय बाजरा अनुसंधान केंद्र में चल रहे अनुसंधान कार्यों, नई तकनीकों तथा उन्नत किस्मों को लेकर विस्तार से चर्चा की। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने फील्ड में पहुंचकर विभिन्न फसलों, स्थानीय परिस्थितियों में कृषि अनुसंधान एवं नवाचार की संभावनाओं को भी समझा। बीज से बाजार तक करेगा गाइड केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा- मेरा विश्वास है कि यह अनुसंधान केंद्र क्षेत्र के किसानों के लिए उत्पादकता बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के श्री अन्न को बढ़ावा देने और किसानों की आय एवं कृषि को अधिक समृद्ध बनाने के संकल्प को धरातल पर मजबूत करने की दिशा में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गोवंश आधारित खेती को अपनाने का किया आह्वान केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कृषि वैज्ञानिकों और किसानों से गोवंश आधारित खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। गाय भारतीय संस्कृति में पूजनीय होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण आधार है। गाय का दूध, दही और घी हमारे लिए उपयोगी हैं। यदि गोवंश को अर्थव्यवस्था और कृषि से जोड़कर उसका बेहतर उपयोग किया जाए तो पशुपालन और खेती दोनों को मजबूती मिल सकती है। उन्होंने किसानों से कृषि के साथ पशुपालन को भी आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में यह रहे उपस्थित पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, सांसद उमेदाराम बेनीवाल, आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट, आईसीएआर के डिप्टी डायरेक्टर (फसल विज्ञान) डॉ. देवेन्द्र कुमार यादव, भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान हैदराबाद की निदेशक डॉ. सी. तारा सत्यवती और क्षेत्रीय बाजरा अनुसंधान केंद्र, गुड़ामालानी के निदेशक डॉ. शैलेन्द्र नाथ सक्सेना सहित कृषि वैज्ञानिक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, गणमान्यजन तथा बड़ी संख्या में किसान और आमजन उपस्थित रहे।