पंचायतीराज चुनाव के कार्यक्रम से टकराव के चलते प्रदेश में कक्षा 9 से 12वीं तक की राज्यस्तरीय समान अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं का कार्यक्रम बदल दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर की ओर से जारी संशोधित समय-सारणी के अनुसार अब परीक्षाएं 25 नवंबर से 7 दिसंबर तक आयोजित होंगी। पहले ये परीक्षाएं 15 से 29 अक्टूबर तक प्रस्तावित थीं। इस बदलाव से परीक्षाएं करीब 40 दिन आगे खिसक गई हैं। पंचायतीराज चुनाव की प्रक्रिया 20 नवंबर तक पूरी होने के बाद परीक्षाएं शुरू होंगी। विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने और परीक्षा केंद्रों पर भवनों की कमी को देखते हुए परीक्षाएं दो पारियों में कराई जाएंगी। पहली पारी सुबह 9:30 से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 1:15 से शाम 4:30 बजे तक चलेगी। निदेशालय ने परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 25 नवंबर को पहली पारी में कक्षा 9 की अंग्रेजी, कक्षा 11 की अंग्रेजी अनिवार्य और कक्षा 12 की समाजशास्त्र की परीक्षा होगी। दूसरी पारी में कक्षा 10 की अंग्रेजी, कक्षा 11 की समाजशास्त्र और कक्षा 12 की अंग्रेजी अनिवार्य का पेपर होगा। समय-सारणी में 1 से 3 दिसंबर तक का अंतराल भी रखा गया है। कक्षा 11 के जीवन कौशल विषय की परीक्षा नहीं होगी। विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को नियमानुसार अतिरिक्त समय और श्रुतलेख की सुविधा दी जाएगी। संशोधित समय-सारणी में शामिल नहीं किए गए विषयों और प्रायोगिक परीक्षाओं का आयोजन विद्यालय उपलब्ध अंतराल के दिनों में कर सकेंगे। अर्द्धवार्षिक परीक्षाओं के बाद शीतकालीन अवकाश रहेगा। जनवरी में प्रायोगिक परीक्षाएं और फरवरी में बोर्ड परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। परीक्षा की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए निदेशालय ने प्रश्नपत्र निजी विद्यालयों में रखने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। प्रश्नपत्र संबंधित यूसीईईओ और पीईईओ कार्यालयों में सुरक्षित रखे जाएंगे। संभव होने पर इन्हें पुलिस थानों में रखने की व्यवस्था की जाएगी। सरकारी कार्यालयों में प्रश्नपत्र रखने की स्थिति में वहां चौबीसों घंटे कार्मिक तैनात करने और रात में सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निगरानी के लिए संभागीय संयुक्त निदेशक, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और डाइट प्राचार्य के स्तर पर उड़नदस्ते गठित होंगे। परीक्षा से जुड़ी किसी भी गतिविधि या संदेश के सोशल मीडिया पर वायरल होने की स्थिति में संबंधित संभागीय संयुक्त निदेशक की जिम्मेदारी तय की जाएगी।