हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल को CID सीबी ने शनिवार रात बीकानेर से गिरफ्तार कर लिया। गणेश राज के खिलाफ 23 साल पहले फर्जी पट्‌टे वितरित करने का मामला दर्ज है। उन्हें हनुमानगढ़ के पल्लू थाने ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की गई। गणेशराज बंसल के गुट के 34 निर्दलीय पार्षद जीते हैं। नगर परिषद सभापति चुनाव के बीच विधायक की गिरफ्तारी से सियासी हलके में हलचल मच गई है। गणेश राज की गिरफ्तारी को लेकर विभाग के अफसरों ने स्पष्ट तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है। जानकारी के अनुसार, हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को सीआईडी-सीबी (CID-CB) और पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच टीम ने बीकानेर से हनुमानगढ़ जाते समय शनिवार देर रात हिरासत में ले लिया था। पूछताछ के बाद उन्हें रविवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई साल 2003 से जुड़े 23 साल पुराने फर्जी पट्टे जारी करने के आपराधिक मामलों के सिलसिले में की गई है। बीकानेर रेंज के आईजी ओम प्रकाश और सीआईडी सीबी के एएसपी सतपाल ने मामले में कुछ कहने से इनकार कर दिया। आईजी ने फोन पर बताया कि ये कार्रवाई सीआईडी सीबी ने की है, उनसे बात करें। इस पर जब सीआईडी सीबी के एएसपी सतनाम से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि जल्द ही इस बारे में बता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं सब को बार-बार नहीं बता सकता। एएसपी ने गिरफ्तारी की पुष्टि का भी आधिकारिक तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। गणेशराज बंसल के गुट के 34 निर्दलीय जीते बता दें कि ये कार्रवाई उस समय हुई है, जब हनुमानगढ़ नगर परिषद सभापति पद का चुनाव होना है और विधायक खेमे को स्पष्ट बहुमत है। कुल 60 वार्डों के नतीजों में भाजपा को 15 और कांग्रेस को 10 सीटें मिली हैं। वहीं, विधायक गणेशराज बंसल के गुट वाले निर्दलीय 34 पार्षद और माकपा का 1 प्रत्याशी चुनाव जीतकर आया हैं। ये खबर भी पढ़ें पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना समेत 13 के खिलाफ मामला दर्ज:कहा-लोगो को डराने का प्रयास, नगर परिषद चुनाव के दौरान हुआ था विवाद पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना समेत 13 लोगों के खिलाफ निंबाहेड़ा थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। 11 सितंबर को नगर परिषद चुनाव की वोटिंग के दौरान वार्ड-19 में मारपीट मामले में पुलिस ने 16 सितंबर को कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद पूर्व मंत्री समर्थकों के साथ कोतवाली थाने पहुंचे और उनको छोड़ने की मांग की। थाने पर हुए इस हंगामे के बाद पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों पर सरकारी काम में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। (पूरी खबर पढ़ें)