बाड़मेर की खुली जेल से हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी फरार हो गया। आरोपी की पहचान जोधपुर के कमला नेहरू नगर निवासी भावेश उर्फ बंटी के रूप में हुई है। घटना 11 सितंबर की सुबह की है, जब सुबह 6.30 बजे होने वाली नियमित हाजिरी के दौरान भावेश गायब मिला। जेल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करने के बजाय करीब 4 घंटे तक उसके खुद वापस आने का इंतजार किया। जब वह सुबह 10.30 बजे तक भी वापस नहीं लौटा, तब जेल के उप अधीक्षक धीरज ने स्थानीय थाने में भावेश के फरार होने की लिखित एफआईआर दर्ज कराई। हत्या का आरोपी था भावेश जेल रिकॉर्ड के मुताबिक भावेश हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। इसके अलावा अदालत ने उसे 5 साल का अतिरिक्त कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा भी सुनाई थी। आरोपी को करीब एक साल पहले ही जोधपुर जेल से ट्रांसफर कर बाड़मेर की खुली जेल में शिफ्ट किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। एएसपी नितेश आर्य ने बताया कि फरार कैदी की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। बाड़मेर और जोधपुर के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही आसपास के जिलों की पुलिस को भी आरोपी का हुलिया भेजकर अलर्ट कर दिया गया है। 4 घंटे की देरी पर सवाल खुली जेल नियमों के तहत कैदियों को एक निश्चित दायरे में रहने की छूट होती है, लेकिन हाजिरी के वक्त उनकी उपस्थिति अनिवार्य होती है। 11 सितंबर की सुबह हाजिरी से गायब होने के बावजूद 4 घंटे तक इंतजार करने और बाद में पुलिस में मामला दर्ज कराने को लेकर जेल प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपी को जल्द से जल्द दोबारा गिरफ्तार करने की है। 11 सितंबर को सुबह 6.30 बजे होने वाली हाजरी में भावेश उपस्थित नहीं था। जिसके संबंध में 8 बजे उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया था। इसके बाद कैदी भावेश के फरारी का मुकदमा दर्ज करवा दिया। - धीरज कुमार मीणा, वृत्ताधिकारी, कारागृह बाड़मेर