हिमाचल के कांगड़ा स्थित शक्तिपीठ मां ज्वालामुखी मंदिर परिसर में खुद को आग लगाने वाले युवक की मौत हो गई। युवक ने टांडा अस्पताल में दम तोड़ दिया। एसपी संदीप धवल ने इसकी पुष्टि की है। दरअसल, गुरुवार शाम करीब सात बजे राजस्थान के युवक ने मंदिर के गर्भगृह के बाहर खुद पर पेट्रोल छिड़का और आग लगा ली। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मंदिर में मौजूद कर्मचारियों ने युवक पर पानी डालकर आग बुझाई। मगर तब तक वह 70 फीसदी झुलस चुका था। इसके बाद युवक को एंबुलेंस से ज्वालामुखी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से युवक को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। युवक की पहचान रामदास पुत्र गजानंद निवासी झालावाड़ बस स्टैंड, वार्ड नंबर 18, राजस्थान के रूप में हुई है। युवक ने खुदकुशी क्यों की, पुलिस इसकी वजह पता करने में जुटी हुई है, क्योंकि वह अकेले ही ज्वालामुखी मंदिर में दर्शन करने आया था। प्रारंभिक जांच के मुताबिक युवक एक साल से अपने घर पर नहीं था। एंबुलेंस में बताया- अकेला दर्शन करने आया था 108 एंबुलेंस के पायलट संजय और ईएमटी विवेक शर्मा ने युवक को अस्पताल पहुंचाया। एंबुलेंस कर्मचारियों के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय युवक होश में था और अपना नाम रामदास बता रहा था। उसने बताया कि वह अकेला ही मंदिर में दर्शन करने आया था। कर्मचारियों के मुताबिक, घर का पूरा पता बताते समय युवक की जुबान लड़खड़ा रही थी। इसके बावजूद वह अपनी पहचान और पता बताने का प्रयास कर रहा था। अस्पताल पहुंचने तक वह बातचीत की स्थिति में था। पेट्रोल का इस्तेमाल, जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक ने इतना गंभीर कदम क्यों उठाया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले की जांच जारी: संदीप धवल एसपी देहरा संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। कुछ माह पहले शिव मंदिर में युवक ने काटा था गला ज्वालामुखी मंदिर क्षेत्र में कुछ माह पहले भी ऐसी ही गंभीर घटना सामने आई थी। मंदिर मार्ग पर स्थित एक शिव मंदिर में एक युवक ने कटर से अपना गला काट लिया था। घटना में उसकी मौत हो गई थी। अब ज्वालामुखी मंदिर परिसर में युवक के खुद को आग लगाने की घटना ने एक बार फिर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर परिसर की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।