दलोट | ग्राम पंचायत चकुण्डा के मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक पं. सत्यनारायण शर्मा ने श्रीकृष्ण जन्म से लेकर पूतना वध तक के प्रसंग सुनाए। कृष्ण जन्म का प्रसंग आते ही पूरा पांडाल जय श्री कृष्णा के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्तिमय माहौल में झूमने लगे। पं. शर्मा ने कहा कि कंस के भय से देवकी और वसुदेव को कारागार में बंद किया गया था। भाद्रपद अष्टमी की अर्धरात्रि में भगवान विष्णु प्रकट हुए। बाल रूप धारण किया। वसुदेव उफनती यमुना पार कर बालक कृष्ण को गोकुल ले गए। वहां नंदोत्सव की खुशियां छा गईं। गोप-गोपियों के बधाई गीत गूंजे। नंद बाबा का आनंद उत्सव भी हुआ। कथा स्थल गोकुलधाम जैसा बन गया। इसके बाद पं. शर्मा ने पूतना वध का प्रसंग सुनाया। बताया कि विषपान कराने आई पूतना का भगवान ने अंत किया। उसे भी मातृगति प्रदान की। मुख्य यजमान और आयोजकों की व्यवस्थाओं के बीच सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा सुनी। अंत में महाआरती हुई। सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी बांटी गई।